कम बारिश और तेज धूप से फसलों को नुकसान, किसानों की चिंता बढ़ी

Saroj kanwar
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Burhanpur News: इस साल मानसून कमजोर होने से क्षेत्र की फसलें प्रभावित हो रही हैं। अब तक आधे से ज्यादा मानसून बीत जाने के बावजूद पर्याप्त बारिश नहीं हुई है और नदी-नाले सूखे हैं। पानी की कमी के कारण सोयाबीन, मक्का, कपास, ज्वार और बाजरा की बढ़वार धीमी हो गई है। इससे किसानों को उत्पादन कम होने की चिंता है।

कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, सोयाबीन पर येलो मोजेक और मक्का पर फॉल्स आर्मी कीट का खतरा बढ़ सकता है। कपास में तेलिया और महुआ रोग के लक्षण भी दिखने लगे हैं। किसान कीटनाशक का छिड़काव कर रहे हैं, लेकिन बीमारियों पर असर कम ही हो रहा है। क्षेत्र के 800 हेक्टेयर में लगी कपास की फसल को अब तक दो ही बार अच्छी बारिश मिली है।

कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने कहा कि बिना सलाह के कीटनाशक का उपयोग न करें। तापमान बढ़ने से पौधे मुरझा रहे हैं, लेकिन अच्छी बारिश हो जाने पर फसल की वृद्धि और बीमारियों का असर कम हो सकता है। किसान महंगे बीज और खाद का इस्तेमाल कर रहे हैं, फिर भी पानी की कमी से नुकसान हो रहा है।

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