KVP Saving Scheme: आजकल हर कोई अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित तरीके से निवेश करना चाहता है। शेयर बाज़ार में जोखिम का डर तो रहता ही है, लेकिन किसान विकास पत्र योजना लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो रही है। इस योजना की खासियत यह है कि इसमें सिर्फ़ एक बार निवेश करना होता है। इसकी अवधि 9 साल 7 महीने की होती है। इस अवधि में आपकी जमा राशि दोगुनी हो जाती है। यही वजह है कि यह योजना छोटे निवेशकों के बीच इतनी लोकप्रिय है और दोगुना रिटर्न देती है।
किसान विकास पत्र योजना क्या है?
किसान विकास पत्र योजना एक प्रकार की बचत योजना है। इसे भारत सरकार ने 1988 में शुरू किया था। लोगों को सुरक्षित निवेश करके बचत करने में सक्षम बनाने के लिए इसे 2014 में पुनः शुरू किया गया। इस योजना के तहत लाभार्थियों को चक्रवृद्धि ब्याज के साथ-साथ 7.5% वार्षिक ब्याज मिलता है। इसमें ब्याज पर ब्याज भी मिलता है। वर्तमान में, निवेश की गई राशि 115 महीनों, यानी 9 वर्ष और 7 महीनों में दोगुनी हो जाती है।
कौन लाभ उठा सकता है?
देश का कोई भी नागरिक KVP योजना का लाभ उठा सकता है। माता-पिता अपने बच्चों के नाम पर खाता खोल सकते हैं। 10 वर्ष और उससे अधिक आयु के बच्चे भी अपने नाम पर खाता खोल सकते हैं। इसके अलावा, एक व्यक्ति एक से अधिक खाते खोल सकता है। इसके लिए कोई नियम नहीं हैं। इस योजना की खास बात यह है कि इसमें निवेश की गई राशि दोगुनी हो जाती है।’
कितना निवेश करें?
जानकारी के लिए, अगर आप किसान विकास पत्र (KVP) योजना में ₹1 लाख का निवेश करते हैं, तो आपको ₹2 लाख मिलेंगे। आप चाहें तो 6 महीने बाद ₹2 लाख निकाल सकते हैं। हालाँकि, रिटर्न मिलने में समय लगता है। यह योजना काफी लचीली है और निवेश की गई राशि को ट्रांसफर किया जा सकता है।
कौन से दस्तावेज़ ज़रूरी हैं?
इस योजना के लिए पासपोर्ट साइज़ फोटो, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और पते का प्रमाण जैसे वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या मनरेगा कार्ड ज़रूरी है।