एसबीआई: एसबीआई ग्राहकों के लिए बड़ा झटका। देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने अपने ग्राहकों के लिए ऑनलाइन लेनदेन के नियमों में बदलाव किया है। बैंक ने घोषणा की है कि वह जल्द ही आईएमपीएस (तत्काल भुगतान सेवा) के माध्यम से किए गए ऑनलाइन लेनदेन पर सेवा शुल्क लगाएगा। यह शुल्क केवल 25,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर लागू होगा।
नया नियम क्या है?
अब तक, एसबीआई आईएमपीएस के माध्यम से ऑनलाइन धन हस्तांतरण पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लेता था। हालांकि, नए नियमों के तहत, 25,000 रुपये से अधिक की धनराशि स्थानांतरित करने वाले ग्राहकों को सेवा शुल्क देना होगा, जो लेनदेन राशि के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।
शुल्क कितना होगा?
– 25,000 रुपये से 1 लाख रुपये के बीच के लेन-देन पर 10 रुपये + जीएसटी
– 1 लाख रुपये से 2 लाख रुपये के बीच के लेन-देन पर 20 रुपये + जीएसटी
– 2 लाख रुपये से 5 लाख रुपये के बीच के लेन-देन पर 25 रुपये + जीएसटी
इस प्रकार, हस्तांतरित राशि जितनी अधिक होगी, शुल्क उतना ही अधिक होगा।
ग्राहकों पर बड़ा प्रभाव
लाखों एसबीआई ग्राहक प्रतिदिन आईएमपीएस का उपयोग करते हैं। यह बदलाव विशेष रूप से छोटे व्यवसायों और उन व्यक्तियों के लिए महत्वपूर्ण है जिन्हें तत्काल धन हस्तांतरण की आवश्यकता होती है। हालांकि, बैंक का कहना है कि यह शुल्क मामूली है और ग्राहकों पर इसका कोई खास बोझ नहीं पड़ेगा।
शुल्क क्यों लगाया गया?
बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि एसबीआई ने डिजिटल लेनदेन की बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। आईएमपीएस एक रियल-टाइम भुगतान प्रणाली है, जिसमें बैंक को तकनीकी और नेटवर्किंग खर्च वहन करना पड़ता है। नए शुल्क बैंक को इन खर्चों को प्रबंधित करने में मदद करेंगे। एसबीआई के 5 करोड़ से अधिक ग्राहक प्रतिदिन आईएमपीएस का उपयोग करते हैं। मुफ्त सेवा के कारण बोझ बढ़ रहा था। अब बड़े लेन-देन पर शुल्क लगाकर लागत की भरपाई की जाएगी। अन्य बैंक (एचडीएफसी, आईसीआईसीआई) भी इसी फॉर्मूले पर चल रहे हैं। आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार, आईएमपीएस शुल्क वैकल्पिक हैं। ग्राहक एनईएफटी/आरटीजीएस या यूपीआई (निःशुल्क) का विकल्प चुन सकते हैं। एसबीआई का यह कदम डिजिटल बैंकिंग को विनियमित बनाने की दिशा में एक कदम है।
ग्राहकों के लिए विकल्प
यदि ग्राहक शुल्क से बचना चाहते हैं, तो वे एनईएफटी (राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि हस्तांतरण) या आरटीजीएस (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) का उपयोग कर सकते हैं। वर्तमान में, इन सेवाओं के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं है। इसके अलावा, यूपीआई लेनदेन भी निःशुल्क हैं, जो इसे छोटे और मध्यम आकार के हस्तांतरण के लिए सबसे सुविधाजनक विकल्प बनाते हैं।