एलपीजी – 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर में 10 किलोग्राम गैस नहीं भरी गई? पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्टीकरण दिया

Saroj kanwar
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एलपीजी संकट: अमेरिका-ईरान संघर्ष के चलते वैश्विक स्तर पर तेल और गैस का संकट गहरा गया है। कई देशों में आपूर्ति में भारी व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। इसी बीच, ऐसी खबरें सामने आई हैं कि सरकारी तेल कंपनियां (ओएमसी) घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के सिलेंडरों में केवल 10 किलोग्राम गैस भरने पर विचार कर रही हैं। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू सिलेंडरों में गैस की मात्रा कम करने का कोई इरादा नहीं है। घरेलू गैस सिलेंडरों में पहले की तरह ही 14.2 किलोग्राम गैस भरी जाएगी।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने इन दावों को पूरी तरह से झूठा और भ्रामक बताया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर को 10 किलोग्राम के सिलेंडर से बदलने की कोई योजना नहीं है। हालांकि, कुछ तेल कंपनियों ने स्वीकार किया है कि ऐसा प्रस्ताव सरकार को समीक्षा के लिए भेजा गया है, लेकिन अंतिम निर्णय सरकार ही लेगी। एक सरकारी तेल आयोग के प्रतिनिधि ने कहा, “इस पर विचार किया जा रहा है, लेकिन अंतिम निर्णय सरकार ही लेगी।”

अफवाहों पर सरकार की स्पष्ट प्रतिक्रिया
एक विशेष मीडिया साक्षात्कार में, मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया कि ऐसी खबरें “पूरी तरह से निराधार” हैं। उन्होंने जनता से इन अफवाहों पर ध्यान न देने का आग्रह किया। सुजाता शर्मा ने बताया कि सरकार का प्राथमिक ध्यान सिलेंडर के वजन में बदलाव करने के बजाय स्थिर गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने और अवैध व्यापार से निपटने पर है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि घरेलू एलपीजी आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है और लोगों को किसी भी अफवाह पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है।
सरकार ने एलपीजी सिलेंडरों की अग्रिम बुकिंग में भी गिरावट दर्ज की है। यह आंकड़ा पहले 88 लाख तक पहुंच गया था, लेकिन अब घटकर लगभग 50 लाख रह गया है। शर्मा ने स्वीकार किया कि एलपीजी की आपूर्ति अभी भी चिंता का विषय है, लेकिन किसी भी वितरक के पास एलपीजी गैस की कमी नहीं हुई है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले जहाजों के परिवहन पर। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का लगभग 60% आयात पर निर्भर करता है, इसलिए आपूर्ति में मामूली रुकावट भी काफी असर डाल सकती है।
भारत में गैस की खपत कितनी है?
भारत में प्रतिदिन एलपीजी की खपत लगभग 93,500 टन है। इसमें से 86%, यानी लगभग 80,400 टन, घरेलू उपभोक्ताओं द्वारा उपयोग की जाती है। मार्च के पहले पखवाड़े में कुल खपत में 17% की गिरावट आई। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्थिति को “चिंताजनक” बताया और लोगों को गैस बचाने की सलाह दी। हालांकि सरकार का दावा है कि घरेलू आपूर्ति फिलहाल नियमित है, फिर भी जनता में दहशत फैली हुई है।

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