रविवार की सुबह करीब पौने 6 बजे मल्हारगढ़ और पिपलिया स्टेशन के बीच ट्रैक पर आया ऊंट 19328 उदयपुर सिटी-रतलाम एक्सप्रेस से ठकरा गया। कंट को पटरी पर देखा इहकर ने ट्रेन रोकने की कोशिश की लेकिन कामयाबी नहीं मिली। टक्कर लगने के बाद ऊंट इंजन के कैटल गार्ड में फंस गया।
इससे इंजन के ब्रेक पक्षप का एंगल कॉक टूट गया। प्रेशर लीक होकर ब्रेक सिस्टम फेल हो गया। ट्रेन बीच रास्ते ही खड़ी हो गई। इंजन को चेक करने के बाद इइवरों ने घटना की सूचना रेलवे कंट्रोल और स्टेशन स्टाफ को दी। इसके बाद स्टाफ मौके पर पहुंचा और उंट को निकाला।
इसके बाद सुबह 7.15 बजे सेक्शन क्लियर हुआ। कंट्रोल ने तत्काल दूसरे इंजन की व्यवस्था की। उसे फेल हुए पावर के आगे लगाकर ट्रेन को रवाना किया। इसके बाद ट्रेन लगभग 1.40 घंटे की देरी से सुबह 7.13 बजे पिपलिया और 56 मिनट लेट सुबह 8 बजे की बजाय 8.56 बजे रतलाम पहुंची।
नीमच से इंजन मंगाकर मंदसौर-उदयपुर ट्रेन को चलाया घटना के बाद पिपलिया स्टेशन पर खड़ी 59835 मंदसौर-उदयपुर यात्री गाड़ी को वहीं रोक दिया गया। इंजन की व्यवस्था नहीं होने पर इसी ट्रेन के इंजन को काटकर रास्ते में खड़ी उदयसिटी-स्तलाम एक्स्ठोस को लाने के लिए भेजा गया। इस कारण समय पर पहुंचने के बावजूद मंदसौर-उदयपुर ट्रेन पिपलिया स्टेशन पर ही खड़ी रही। बाद में नीमच से दूसरा इंजन मंगाकर उसने जोड़ा गया। इंजन की शंटिंग में काफी समय लग गया। इस कारण मंदसौर-उदयपुर ट्रेन लगभग दो घंटे की देरी से 5.44 बजे की बजाय 7.50 बजे आगे रवाना हो पाई।