ईरान में विरोध प्रदर्शन: ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों का दायरा बढ़ता जा रहा है, जिससे स्थिति तेजी से बिगड़ रही है। ईरान में प्रदर्शन हिंसक होते जा रहे हैं, और दो सप्ताह के भीतर 3400 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें लगभग 500 सुरक्षाकर्मियों की मौत भी शामिल है।
1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ईरान में ये सबसे खराब हालात हैं, और इस अशांति के परिणाम और भी विनाशकारी हो सकते हैं। प्रदर्शनकारियों की हत्याओं के विरोध में अमेरिका ने भी खामेनेई सरकार को धमकी दी है। डोनाल्ड ट्रंप ने तो यहां तक चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया तो सैन्य कार्रवाई की जाएगी।
डोनाल्ड ट्रम्प की चुनौती
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को सामूहिक फांसी रोकने की चेतावनी दी थी। हालांकि, ईरान ने अमेरिकी चेतावनी को अनसुना कर फांसी जारी रखी, जिसके परिणामस्वरूप 3400 लोगों की मौत हो गई।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन दोषियों को सजा दी जाएगी। ईरानी न्यायपालिका ने भी कुछ ऐसे कृत्यों के लिए फांसी की संभावना जताई है जिन्हें “मोहारेब” (मृत्युदंड के योग्य अपराध) माना जाता है।
डोनाल्ड ट्रंप ने भी नए नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर दिया है, जबकि खामेनेई ने अमेरिका और इज़राइल पर हिंसा की साजिश रचने का आरोप लगाया है। ईरान में सामूहिक फांसी की बढ़ती संख्या ने चिंताएं बढ़ा दी हैं। विपक्षी नेता इसे प्रदर्शनकारियों की आवाज़ को दबाने का प्रयास मानते हैं।
आधिकारिक तौर पर मौतों की पुष्टि
मानवाधिकार संगठन एचआरएएनए के अनुसार, ईरान में अब तक 3,308 मौतों की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी प्रशासन ने 24,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, हिंसा सबसे तीव्र कुर्द बहुल उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में रही है। इराकी सीमा पार से अलगाववादी समूहों ने भी इस क्षेत्र में घुसपैठ करने का प्रयास किया है। सरकार की कठोर कार्रवाई के बाद, विरोध प्रदर्शनों की गति धीमी होती दिख रही है। हालांकि, इंटरनेट प्रतिबंधों के कारण, सूचनाओं की पुष्टि करना और उन्हें सत्यापित करना बेहद मुश्किल है। ईरान का आंतरिक संकट जारी है और उसका भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि वे सरकार को उखाड़ फेंकेंगे।
ईरान में बड़ी संख्या में लोग शिक्षा, भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। 28 दिसंबर को शुरू हुआ यह आंदोलन अब एक जन विद्रोह में तब्दील हो चुका है। ईरान में विरोध प्रदर्शन हिंसक होते जा रहे हैं, जिससे पहले से ही अस्थिर स्थिति और बिगड़ रही है। अमेरिका खुले तौर पर प्रदर्शनकारियों का समर्थन कर रहा है और ईरानी सरकार को असहमति को दबाने के खिलाफ चेतावनी दे रहा है।