हर कार्यरत व्यक्ति के लिए ईपीएफओ में हुए नए बदलावों से अवगत होना आवश्यक है। देश में लाखों पीएफ खाते निष्क्रिय हो गए हैं और उनमें वर्षों से धनराशि फंसी हुई है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडव्या के अनुसार, ईपीएफओ अब इन धनराशियों को जारी करने के लिए मिशन मोड में काम करेगा।
ईपीएफओ से संबंधित बदलावों के बारे में हर कर्मचारी को जानकारी होना बेहद जरूरी है। यदि कोई कार्यरत है और उसने भविष्य के लिए अपने ईपीएफ खाते में धनराशि जमा की है, तो उसे ईपीएफओ के इस बदलाव के बारे में अवश्य पता होना चाहिए, अन्यथा उसकी धनराशि उपलब्ध नहीं हो पाएगी।
देश में लाखों पीएफ खाताधारक हैं, जिन्होंने अपनी धनराशि इन निष्क्रिय ईपीएफ खातों में फंसा रखी है। यह धनराशि इन खातों में वर्षों से पड़ी हुई है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडव्या ने एक बयान में कहा कि ईपीएफओ अब इन खातों के लिए मिशन मोड में काम शुरू करेगा।
इस मिशन के तहत, इन खाताधारकों का केवाईसी सत्यापन किया जाएगा और इसके लिए एक समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया जा रहा है। यह प्लेटफॉर्म उन खाताधारकों की पहचान करेगा जिनके खाते बंद हो चुके हैं।
इसके तहत, यदि कोई भारतीय कर्मचारी विदेश में काम करने के बाद भारत लौटता है, तो वहां जमा उनकी पीएफ राशि जब्त नहीं होगी और वे भारत लौटने के बाद भी अपनी जमा राशि का लाभ उठा सकेंगे।
साथ ही, अब ईपीएफओ कार्यालयों को डिजिटल और आधुनिक तकनीक की मदद से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इस नई प्रणाली का परीक्षण दिल्ली में पहले ही शुरू हो चुका है।
इससे कर्मचारियों को शिकायत या दावा दर्ज करने के लिए बार-बार अपने क्षेत्रीय कार्यालयों में जाने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी और वे ईपीएफओ कार्यालय से डिजिटल रूप से जुड़े रह सकेंगे।