भारत में बढ़ती महंगाई और ज़मीन की बढ़ती कीमतों के बीच, आम आदमी के लिए घर का सपना पूरा होना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में, केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर गरीबों और ज़रूरतमंदों को आवास मुहैया कराने के लिए कई योजनाएँ चला रही हैं। इन्हीं योजनाओं में से एक है प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), यानी PMAY-G, जिसे देश के हर ग्रामीण गरीब को एक पक्का और सुरक्षित घर मुहैया कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।
योजना का उद्देश्य और लाभ
पीएमएवाई-जी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का प्रत्येक नागरिक, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब लोग, बिना किसी बिचौलिए के अपने नाम से घर बना सकें। इस योजना के तहत, केंद्र सरकार सहायता राशि सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में स्थानांतरित करती है। इससे न केवल पारदर्शिता बनी रहती है, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगता है।
अब तक, इस योजना के तहत 2.5 करोड़ से ज़्यादा घर बनाए जा चुके हैं और 2027 तक “हर परिवार को आवास” उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
इस योजना का लाभ कौन उठा सकता है?
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) उन परिवारों को लाभान्वित करती है जिनके पास अपना पक्का घर नहीं है। कच्चे, जीर्ण-शीर्ण या अस्थायी घरों में रहने वाले लोग इसके पात्र हैं। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक समुदायों, विकलांग व्यक्तियों, महिला प्रधान परिवारों, बंधुआ मजदूरी से मुक्त व्यक्तियों और आदिवासी परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है।
आर्थिक वर्ग के आधार पर, EWS (आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग) के लिए वार्षिक आय सीमा ₹3 लाख तक है, और LIG (निम्न आय वर्ग) के लिए यह ₹3 लाख से ₹6 लाख तक है।
राशि और सहायता
केंद्र सरकार सामान्य क्षेत्रों में ₹1.20 लाख तक और दुर्गम या पहाड़ी क्षेत्रों में ₹1.30 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। राज्य सरकारें भी अतिरिक्त योगदान देती हैं। पूरी राशि DBT (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाती है। गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निर्माण प्रक्रिया की निगरानी GIS उपकरणों का उपयोग करके की जाती है।
आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प
इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया बेहद आसान है। इच्छुक आवेदक प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की आधिकारिक वेबसाइट pmayg.nic.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पंजीकरण के दौरान आधार कार्ड और मोबाइल नंबर के ज़रिए सत्यापन ज़रूरी है।
अगर कोई व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकता, तो वह अपनी नज़दीकी ग्राम पंचायत या ब्लॉक कार्यालय जाकर फ़ॉर्म भर सकता है। आवेदन स्वीकृत होने के बाद, लाभार्थी को पहली किस्त दी जाती है और घर बनने के साथ-साथ बाकी राशि धीरे-धीरे जारी की जाती है।
आवश्यक दस्तावेज़
आवेदन के समय, आवेदक को कुछ ज़रूरी दस्तावेज़ देने होंगे, जिनमें शामिल हैं: आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मनरेगा जॉब कार्ड, आय/जाति प्रमाण पत्र, स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) नंबर, पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो, और एक हलफ़नामा जिसमें यह लिखा हो कि आवेदक के पास पक्का घर नहीं है।
ये सभी दस्तावेज़ स्व-सत्यापित होने चाहिए और ग्राम पंचायत या ब्लॉक कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं।
लाभार्थी सूची में अपना नाम कैसे देखें
अगर आपने आवेदन किया है और जानना चाहते हैं कि आपका नाम लाभार्थी सूची में है या नहीं, तो pmayg.nic.in वेबसाइट पर जाएँ।
‘हितधारक’ टैब में ‘IAY/PMAYG लाभार्थी’ पर क्लिक करें।
फिर अपना पंजीकरण नंबर दर्ज करें और कैप्चा भरें।
अगर आप पात्र हैं, तो आपकी पूरी जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी।
योजना का व्यापक प्रभाव
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) केवल एक आवास योजना ही नहीं है, बल्कि रोज़गार, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम भी है। इस योजना की बदौलत लाखों ग्रामीण परिवार अब सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। यह योजना ग्रामीण भारत के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
यदि आप पात्र हैं और अभी तक आवेदन नहीं किया है, तो जल्द से जल्द आवेदन करें। घर का सपना अब सिर्फ़ सपना नहीं रहेगा।