प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना: देश में बेरोजगारी और सीमित संसाधनों के बीच, केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना आम लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर उभरी है। यह योजना विशेष रूप से नगर पंचायत क्षेत्रों में छोटे व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है। इस योजना के तहत 15,000 रुपये से लेकर 50,000 रुपये तक के ऋण बिना किसी गिरवी के उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
वित्तीय सहायता तीन किस्तों में प्रदान की जाती है।
नगर पंचायत वालिदपुर के कार्यकारी अधिकारी अर्जुन कुमार के अनुसार, पीएम स्वनिधि योजना के तहत लाभार्थियों को कुल 50,000 रुपये तक की सहायता राशि तीन किस्तों में मिलती है। पहली किस्त 15,000 रुपये है। ऋण के समय पर भुगतान पर बाद की किस्तें स्वीकृत की जाती हैं। यह प्रणाली लाभार्थियों में वित्तीय अनुशासन को भी बढ़ावा देती है और उन्हें धीरे-धीरे अपने व्यवसाय का विस्तार करने में सक्षम बनाती है।
योजना का उद्देश्य और लाभ
इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्ट्रीट वेंडर्स, फेरीवालों, रिक्शा चालकों, ऑटो चालकों और शहरी गरीबों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। सरकार चाहती है कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोग साहूकारों के चंगुल से मुक्त हों और कम ब्याज दरों पर सरकारी सहायता से अपना व्यवसाय स्थापित करें। इस ऋण का उपयोग नया व्यवसाय शुरू करने या मौजूदा छोटे व्यवसाय का विस्तार करने के लिए किया जा सकता है।
आवेदकों की संख्या में लगातार वृद्धि
कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि पहले इस योजना के तहत 10,000 रुपये तक की सहायता दी जाती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया है। पहली किस्त 15,000 रुपये किए जाने के तुरंत बाद आवेदकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। वर्तमान में नगर पंचायत क्षेत्र में 100 से अधिक नए आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो इस योजना की लोकप्रियता को दर्शाता है।
डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा
पीएम स्वनिधि योजना डिजिटल लेनदेन को भी प्रोत्साहित करती है। यदि किसी लाभार्थी के पास स्मार्टफोन नहीं है, तो वे इस योजना के तहत मोबाइल फोन खरीदने के लिए ऋण सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इससे ऑनलाइन भुगतान, यूपीआई और डिजिटल रिकॉर्ड रखने के माध्यम से व्यवसायों का आधुनिकीकरण करने में मदद मिलती है।
आवेदन प्रक्रिया एवं अपील
नगर पंचायत प्रशासन ने पात्र व्यक्तियों से इस योजना का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है। इच्छुक व्यक्ति नगर पंचायत कार्यालय से संपर्क करके या निर्धारित सरकारी प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। यह योजना न केवल रोजगार के अवसर पैदा कर रही है, बल्कि समाज के वंचित वर्गों के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।