आयकर वापसी: क्या आपको अपनी आयकर वापसी मिल गई है? कारण जानिए

Saroj kanwar
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आयकर वापसी: करदाताओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। क्या आपका आयकर रिटर्न अभी तक नहीं आया है? हर करदाता आयकर रिटर्न दाखिल करने के बाद समय पर रिफंड चाहता है। लेकिन इस साल स्थिति अलग है। हजारों लोग अभी भी अपने आयकर रिफंड का इंतजार कर रहे हैं। देरी इतनी बढ़ गई है कि लोग सोशल मीडिया पर शिकायत कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार देरी के कई कारण हैं। 2025 में फॉर्म जारी होने में देरी से लेकर सख्त सत्यापन प्रक्रिया तक, रिफंड में देरी हो रही है।

रिफंड में देरी क्यों?
कर विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल आयकर रिटर्न फॉर्म और संबंधित दस्तावेज देर से जारी किए गए। इसके परिणामस्वरूप दाखिल करने के लिए कम समय मिला और बड़ी संख्या में रिटर्न एक साथ दाखिल किए गए। क्लियरटैक्स की चार्टर्ड अकाउंटेंट शेफाली मुंद्रा के अनुसार, फॉर्म के देर से आने, दाखिल करने की कम समय सीमा और रिटर्न के एक साथ जमा होने से आयकर आयोग (सीपीसी) पर बोझ बढ़ गया है। जब लाखों रिटर्न एक साथ आते हैं, तो प्रोसेसिंग स्वाभाविक रूप से धीमी हो जाती है।

इस बार, आयकर विभाग डेटा मिलान को लेकर पहले से कहीं अधिक सख्त है। एआईएस, टीआईएस या फॉर्म 26एएस में मामूली सी भी गड़बड़ी होने पर गहन जांच की जाती है। यदि टीडीएस विवरण गलत है, कोई दोहरा विवरण है, या संपत्ति लेनदेन में कोई विसंगति है, तो रिफंड तुरंत जारी नहीं किया जाता है, और रिटर्न की गहन जांच की जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसी वजह से कई करदाता धीमी प्रक्रिया में फंसे हुए हैं।

उच्च मूल्य वाले रिफंड दावों पर कड़ी निगरानी
जिन लोगों ने बड़े रिफंड का दावा किया है या जिनके रिटर्न में असामान्य प्रविष्टियां हैं, उन्हें भी कड़ी जांच का सामना करना पड़ रहा है। सीए मुंद्रा का कहना है कि विभाग हर संदिग्ध दावे की दोबारा जांच कर रहा है, अक्सर अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग कर रहा है, जिससे समय की बर्बादी बढ़ रही है। इस वर्ष, वेतन, एनआरआई और संपत्ति पूंजीगत लाभ रिटर्न सबसे अधिक विलंबित हैं।

करदाताओं को क्या करना चाहिए?
एआईएस, टीआईएस और फॉर्म 26एएस का पूरी तरह मिलान करने के बाद ही रिटर्न दाखिल करें।

अपने बैंक खाते को पहले से सत्यापित रखें।

सही आयकर रिटर्न फॉर्म चुनें।

यदि आप गैर-भारतीय मूल निवासी हैं, तो फॉर्म 67 समय पर भरें।

व्यापारिक करदाताओं को जीएसटी-टीडीएस मिलान अवश्य करना चाहिए।

कर विशेषज्ञों के अनुसार, जो लोग पहले से तैयारी करके और सभी दस्तावेजों का मिलान करके रिटर्न दाखिल करते हैं, उन्हें आमतौर पर सबसे जल्दी रिफंड मिलता है।

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