भारतीय शेयर बाजार अपडेट: आज, शुक्रवार, 27 फरवरी, भारतीय शेयर बाजार के लिए ‘काला शुक्रवार’ साबित हुआ। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन दलाल स्ट्रीट पर भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी जैसे प्रमुख सूचकांकों में लगभग 1.2% की गिरावट आई। बाजार में आई इस अचानक गिरावट ने निवेशकों की लगभग 5 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति को एक झटके में खत्म कर दिया।
वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और ईरान तथा संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने बाजार की भावना को पूरी तरह से खराब कर दिया है। निवेशक आज शाम जारी होने वाले तीसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़ों को लेकर भी सतर्क और आशंकित दिखे, जिससे बिकवाली का दबाव और बढ़ गया।
आज की गिरावट का अंत कहां हुआ?
आज सुबह बाजार की शुरुआत सुस्त रही, लेकिन दोपहर के सत्र में बिकवाली तेज हो गई, जिससे सेंसेक्स 1,000 से अधिक अंक गिर गया। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 961.42 अंक गिरकर 81,287.19 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में भी 317.90 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई और यह 25,178.65 पर बंद हुआ।
तकनीकी रूप से, निफ्टी ने आज अपने 200-दिवसीय मूविंग एवरेज को तोड़ दिया, जिसे बाजार विशेषज्ञों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय माना जा रहा है। 25,000 का स्तर अब निफ्टी के लिए एक मजबूत मनोवैज्ञानिक समर्थन का काम करेगा, जबकि 25,350 के आसपास एक मजबूत प्रतिरोध या बाधा देखी जा सकती है।
बाजार में यह गिरावट क्यों आई? इस महत्वपूर्ण बाजार गिरावट के लिए कई वैश्विक और घरेलू कारक जिम्मेदार हैं। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता के विफल होने की खबरों ने मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा दिया है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें 72 डॉलर से ऊपर पहुंच गई हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली ने भी भारतीय बाजार पर दबाव डाला है।
वैश्विक स्तर पर, अमेरिकी प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एनवीडिया के शेयरों में आई भारी गिरावट ने दुनिया भर के आईटी क्षेत्रों में डर का माहौल पैदा कर दिया है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ा है। इसके अलावा, भारत के जीडीपी आंकड़ों के जारी होने से पहले निवेशक जोखिम लेने से बच रहे थे, जिसके चलते सभी क्षेत्रों में मुनाफावसूली देखने को मिली।
आज के शीर्ष लाभ और हानि वाले शेयर
आज बाजार में व्यापक बिकवाली देखने को मिली, लगभग सभी क्षेत्रों में गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी शेयरों में, अदानी एंटरप्राइजेज, मारुति सुजुकी, भारती एयरटेल और सन फार्मा जैसे प्रमुख शेयरों में 2.5% तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, ट्रेंट और इंफोसिस जैसे कुछ चुनिंदा शेयरों ने इस गिरते बाजार में मामूली बढ़त हासिल कर ली।
आज एप्पल के सीईओ टिम कुक के सकारात्मक बयान के बाद रेडिंगटन के शेयरों में लगभग 15% की तेजी आई, जो बाजार में एकमात्र सकारात्मक घटनाक्रम था। बैंकिंग और ऑटो क्षेत्रों में कमजोरी के कारण निफ्टी बैंक भी 60,000 के महत्वपूर्ण स्तर के करीब पहुंच गया है।