अब आसानी से खरीदें सस्ता सोना, सरकार ने उठाया बड़ा कदम Gold price

Saroj kanwar
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Gold price: आज के समय में सोने की बढ़ती कीमतों के कारण आम लोगों के लिए सोना खरीदना एक चुनौती बन गया है। इस समस्या को देखते हुए भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत भारतीय मानक ब्यूरो ने नौ कैरेट सोने की हॉलमार्किंग को भी अनिवार्य बना दिया है। यह नियम इसी महीने से प्रभावी हो गया है, जिससे अब उपभोक्ताओं को सस्ते सोने की शुद्धता की गारंटी मिल सकेगी।

इस नए नियम का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब लोग कम कीमत में भी शुद्ध सोना खरीद सकेंगे। पहले हॉलमार्किंग केवल 24, 23, 22, 20, 18, और 14 कैरेट सोने के लिए अनिवार्य थी। अब इस सूची में नौ कैरेट सोने को भी शामिल कर दिया गया है। यह व्यवस्था खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो महंगे सोने की बजाय सस्ते विकल्प की तलाश में रहते हैं।

नौ कैरेट गोल्ड की शुद्धता और विशेषताएं

नौ कैरेट सोना, जिसे 375 गोल्ड के नाम से भी जाना जाता है, में केवल 37.5 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है। इसका मतलब यह है कि इस सोने में 62.5 प्रतिशत अन्य धातुओं की मिलावट होती है। यह मिलावट मुख्यतः चांदी, तांबा, और जिंक जैसी धातुओं की होती है। हालांकि इसमें सोने की मात्रा कम है, फिर भी यह एक वैध सोने का रूप है जिसका उपयोग आभूषण बनाने में किया जाता है।

बढ़ती सोने की कीमतों के कारण आज अधिकतर लोग 22 कैरेट गोल्ड की आभूषण खरीदने में असमर्थ हो गए हैं। इसी वजह से नौ कैरेट और 18 कैरेट सोने की मांग बढ़ी है। यह सोना अपेक्षाकृत सस्ता होता है और फिर भी आभूषण के रूप में आकर्षक दिखता है। अब हॉलमार्किंग के साथ इसकी शुद्धता की भी गारंटी मिल जाएगी।

हॉलमार्किंग नियमों में बदलाव

भारतीय मानक ब्यूरो ने हॉलमार्किंग के नियमों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव भी किए हैं। अब सोने की घड़ियों, पेन और कलाकृतियों पर हॉलमार्किंग अनिवार्य नहीं होगी। यह छूट इन वस्तुओं की विशेष प्रकृति को देखते हुए दी गई है। साथ ही, सोने के सिक्कों के संबंध में भी नए नियम बनाए गए हैं।

नए नियमों के अनुसार केवल 24 कैरेट सोने की पतली शीट से बने सिक्कों को ही सोने का सिक्का माना जाएगा। इन सिक्कों का निर्माण केवल सरकारी टकसाल या मान्यता प्राप्त रिफाइनरी द्वारा ही किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, इन सिक्कों की कोई कानूनी मुद्रा मूल्य नहीं होनी चाहिए। यह नियम सोने के सिक्कों की गुणवत्ता और प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है।

विभिन्न कैरेट सोने की शुद्धता की तुलना

सोने की शुद्धता को समझने के लिए विभिन्न कैरेट के सोने की तुलना करना आवश्यक है। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध होता है जिसमें 99.99 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है। इसे 999 गोल्ड भी कहते हैं। हालांकि यह सबसे शुद्ध होता है, लेकिन इससे आभूषण नहीं बनाए जा सकते क्योंकि यह बहुत नरम होता है। यह मुख्यतः सोने की ईंटों, बार और सिक्कों के रूप में निवेश के लिए उपयोग होता है।

22 कैरेट सोना, जिसे 916 गोल्ड कहते हैं, में 91.67 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है। यह आभूषण बनाने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है क्योंकि इसमें पर्याप्त मजबूती और चमक दोनों होती है। 18 कैरेट सोना 75 प्रतिशत शुद्ध होता है और 14 कैरेट सोना 58 प्रतिशत शुद्ध होता है। प्रत्येक कैरेट में सोने की शुद्धता घटती जाती है, लेकिन साथ ही कीमत भी कम होती जाती है।

वर्तमान बाजार में सोने की कीमतें

]आज के बाजार में विभिन्न कैरेट के सोने की कीमतें अलग-अलग हैं। 24 कैरेट सोने का भाव लगभग 98,240 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जो सबसे महंगा है। 22 कैरेट सोने की कीमत 95,890 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जो आभूषण खरीदारों के लिए सबसे लोकप्रिय विकल्प है। 18 कैरेट सोने की कीमत 79,580 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि 14 कैरेट सोने की कीमत 63,370 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

नौ कैरेट सोने की कीमत इससे भी कम होती है, जो इसे आम लोगों के लिए एक किफायती विकल्प बनाता है। हॉलमार्किंग अनिवार्य होने से अब लोगों को इस सस्ते सोने की शुद्धता की भी गारंटी मिल जाएगी। यह कदम विशेषकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो त्योहारी सीजन में सोना खरीदना चाहते हैं लेकिन बजट की कमी के कारण महंगे सोने से बच रहे थे।

सरकार का यह फैसला सोना खरीदारों के लिए एक वरदान साबित होगा। अब लोग कम कीमत में भी प्रमाणित और शुद्ध सोना खरीद सकेंगे। हॉलमार्किंग की अनिवार्यता से बाजार में धोखाधड़ी की संभावना कम हो जाएगी और उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ेगा। यह व्यवस्था न केवल सोना व्यापार में पारदर्शिता लाएगी बल्कि आम लोगों को गुणवत्तापूर्ण सोना खरीदने में भी मदद करेगी।

Disclaimer

यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है। सोना खरीदने से पहले बाजार की वर्तमान दरों की जांच करें और प्रमाणित दुकानदार से ही खरीदारी करें। निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।

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