नई दिल्ली: पाकिस्तान और अफगानिस्तान एक भयंकर युद्ध में उलझे हुए हैं, जिसमें दोनों देश मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए एक-दूसरे को निशाना बना रहे हैं। अफगानिस्तान की वायु सेना ने पाकिस्तान के हवाई हमले का जवाब देते हुए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री आवास से पांच किलोमीटर दूर ड्रोन हमला किया।
हमले के तुरंत बाद पाकिस्तान के सत्ता गलियारों में अफरा-तफरी मच गई। हमले में पाकिस्तानी सेना के एक शिविर को निशाना बनाया गया था। पाकिस्तान को हुए नुकसान का सटीक आकलन अभी नहीं हो पाया है। अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय ने इस हवाई हमले की जिम्मेदारी ली है।
अफगानिस्तान ने एक बड़ा दावा किया
इस्लामाबाद में हुए हवाई हमले के बाद, अफगान सरकार ने एक बड़ा दावा किया है। अफगान गृह मंत्रालय की सीमा पुलिस के प्रवक्ता अब्दुल्ला फारूकी ने आज तक को हमारे संवाददाता अरविंद ओझा के साथ एक विशेष साक्षात्कार में बताया कि अफगानिस्तान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कार्यालय से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर हमला करने में सफल रहा।
अफगान वायु सेना के अनुसार, इन हमलों में पाकिस्तान के प्रमुख सैन्य ठिकानों, सुविधाओं और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा काबुल, कंधार और पक्तिया में रात भर किए गए हवाई हमलों के जवाब में की गई। हालांकि, पाकिस्तान ने अभी तक इस दावे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान ने 26 फरवरी की रात को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल समेत कई शहरों पर बड़ा हमला किया था। शुक्रवार सुबह पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसका धैर्य अब खत्म हो चुका है और दोनों तरफ से हमले होने के कारण वह खुद को पड़ोसी अफगानिस्तान के साथ खुले युद्ध में मानता है।
एक पोस्ट में रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने कहा कि नाटो को पाकिस्तान का समर्थन करना चाहिए। सैनिकों की वापसी के बाद अफगानिस्तान में शांति की उम्मीद जगी थी और आशा थी कि तालिबान अफगान जनता के कल्याण और क्षेत्र की स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करेगा।