अपने शहीद भाई को आज भी राखी बांधने हर साल 800 किलोमीटर दूर से आती है बहन, आंखों में आंसू ला देगी ये कहानी 

Saroj kanwar
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Rajasthan news: भाई बहन का रिश्ता दुनिया का सबसे पवित्र रिश्ता माना जाता है। रक्षाबंधन का त्यौहार भाई बहन के प्रेम का प्रतीक है। इस दिन बहन अपने भाई को राखी बांधने उसके घर जाती है और भाई के कलाई पर राखी बांध भाई के लंबे उम्र की दुआ करती है। बहन भी अपने भाई के रक्षा का वचन देता है। आज हम आपको राजस्थान के एक ऐसी बहन की कहानी बताएंगे जो अपने शहिद भाई को राखी बांधने हर साल 800 किलोमीटर दूर से आती है।

राजस्थान के फतेहपुर में एक बहन अपने शहीद भाई को राखी बांधने के लिए 800 किमी की यात्रा कर हर साल आती है। शहीद भाई धर्मवीर सिंह की प्रतिमा को राखी बांधने के लिए उसकी बहन उषा इतना लंबा सफर करती है।

 बहन उषा ने बताया कि उसके भाई के शहीद हुए लगभग 19 साल बीत चुके हैं फिर भी वह अपने भाई के प्रतिमा को राखी बांधना नहीं बोलता है। उषा ने कहा कि भले ही मेरे भाई जिंदा नहीं है लेकिन जब तक मैं जिंदा रहूंगी मेरे यादों में वह जिंदा रहेंगे।

 मिसाल है राजस्थान के इस भाई बहन का प्यार

देश सेवा में शहीद हुए भाई के लिए यह प्रेम लोगों के लिए अब मिसाल है. दीनवा लाडखानी गांव में शहीद धर्मवीर सिंह शेखावत की बहन उषा कवंर 19 साल से शहीद भाई की प्रतिमा को राखी बांधने के लिए अहमदाबाद से यहां आती हैं.     

बहन उषा कंवर का कहना है कि भाई देश सेवा के लिए शहीद हो गया, उसकी बहुत याद आती है. वो सच में तो जिंदा नहीं हैं लेकिन हमारे दिल में तो जिंदा है. वो लोगों के लिए भले ही मर चुका है लेकिन हमें नई राहें दिखाने के लिए जिंदा है. बहन उषा कंवर ने जब शनिवार को शहीद धर्मवीर की प्रतिमा को राखी बांधी तो वो भावुक होकर रोने लगी.

बता दें की धर्मवीर सिंह कश्मीर के लाल चौक में तैनात थे, जहां साल 2005 में हुए आंतकी हमले में वो शहीद हो गए. यह कहानी अकेले दीनवा गांव की नहीं है ब्लकि पूरे शेखावाटी की है. 

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