अजीत पवार के निधन पर अपडेट: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान दुर्घटना में निधन से सबकी खुशी मातम में तब्दील हो गई है। देशभर में अजीत पवार को श्रद्धांजलि दी जा रही है। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को बारामती में पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत देशभर की कई जानी-मानी हस्तियां उनके अंतिम संस्कार में शामिल होंगी। वहीं पवार परिवार शोक में डूबा हुआ है। उनकी बहन सुप्रिया सुले अपने भाई के अचानक निधन से बेहद दुखी हैं और उनके रोने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
सुप्रिया सुले फूट-फूटकर रो पड़ीं।
अजित पवार के विमान हादसे में निधन की खबर फैलते ही सब स्तब्ध रह गए। ऐसा लगा मानो कुछ पल पहले तक जीवन और हंसी से भरी दुनिया पर दुख का पहाड़ गिर पड़ा हो। अपने भाई के निधन की खबर सुनकर शरद पवार की बेटी और अजीत पवार की बहन सुप्रिया सुले तुरंत बारामती पहुंचीं। वहां उन्होंने किसी को गले लगाकर फूट-फूटकर रोना शुरू कर दिया।
रोते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि उनके परिवार का प्रिय सदस्य इस दुनिया से चला गया है। सुप्रिया सुले की आंखों में आंसू देखकर वहां मौजूद सभी लोग व्याकुल और दुखी हो गए। आसपास खड़े सभी लोगों की आंखों में भी आंसू आ गए।
प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह भी बारामती पहुंचेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बारामती पहुंचेंगे। उनके कार्यक्रम की जानकारी साझा कर दी गई है। अजीत पवार महाराष्ट्र में एनडीए सरकार के सदस्य थे और उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था।
1991 में पहली बार सांसद चुने गए अजीत पवार को महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार के बढ़ते प्रभाव और पार्टी के मजबूत जमीनी समर्थन का लाभ मिला। अपने चाचा के कहने पर उन्होंने 1991 में पहली बार बारामती से लोकसभा चुनाव लड़ा और भारी बहुमत से जीत हासिल की। कुछ दिनों बाद उन्होंने यह सीट अपने चाचा शरद पवार के लिए खाली कर दी।
इसके बाद शरद पवार केंद्र में पी.वी. नरसिम्हा राव की सरकार में केंद्रीय रक्षा मंत्री बने। यही वह दौर था जब शरद पवार राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हुए और अजीत पवार ने महाराष्ट्र में पार्टी की बागडोर संभाली। उन्होंने जमीनी स्तर से लेकर बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करने और शरद पवार के उत्तराधिकारी के रूप में खुद को स्थापित करने में सफलता प्राप्त की।
वे पहली बार विधायक कब चुने गए थे?
अजित पवार पहली बार 1995 में पुणे के बारामती निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। तब से वे लगातार इसी सीट से चुने जाते रहे हैं। वे 1995, 1999, 2004, 2009, 2014, 2019 और 2024 में बारामती से चुने गए। उनकी लोकप्रियता इतनी बढ़ गई कि वे पूरे महाराष्ट्र में एक जाना-पहचाना चेहरा बन गए, जिन्हें प्यार से अजीत दादा के नाम से जाना जाता है।