ट्रेन रद्द होने की खबर: भारत में हर दिन लाखों लोग ट्रेन से यात्रा करते हैं। रेलवे नेटवर्क रोज़मर्रा की ज़िंदगी का एक अभिन्न अंग है, जो लाखों लोगों को उनके गंतव्य तक पहुँचाता है। हालाँकि, जब पटरियों की मरम्मत या स्टेशन विकास कार्य शुरू होता है, तो ट्रेन संचालन प्रभावित होता है। इसी संदर्भ में, दक्षिण पूर्व रेलवे ने शालीमार स्टेशन यार्ड में पुनर्निर्माण कार्य शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसके परिणामस्वरूप कई ट्रेनें अस्थायी रूप से रद्द कर दी गई हैं और कुछ ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जाँच कर लें।
शालीमार स्टेशन यार्ड पुनर्निर्माण
रेलवे प्रशासन ने बताया है कि शालीमार स्टेशन यार्ड में 8 नवंबर से 24 नवंबर तक रीमॉडलिंग का काम चलेगा। यह काम स्टेशन की क्षमता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। दक्षिण पूर्व रेलवे के अनुसार, इस काम से चक्रधरपुर रेल मंडल से गुजरने वाली कई लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन प्रभावित होगा। रेलवे की योजना नए यार्ड मॉडल के ज़रिए ट्रेनों की आवाजाही को सुगम और समयबद्ध बनाने की है।
कौन सी ट्रेनें रद्द की गईं?
रेलवे ने रीमॉडलिंग कार्य के चलते कुल 10 एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन अस्थायी रूप से रद्द करने का निर्णय लिया है। इनमें शालीमार से मुंबई, गोरखपुर, भुज और उदयपुर सिटी जाने वाली प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं। उदाहरण के लिए, शालीमार-मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस कुर्ला एक्सप्रेस 13 से 21 नवंबर तक नहीं चलेगी, जबकि भुज-शालीमार सुपरफास्ट एक्सप्रेस 11 और 18 नवंबर को रद्द रहेगी। इसी तरह, गोरखपुर-शालीमार साप्ताहिक एक्सप्रेस और उदयपुर सिटी-शालीमार सुपरफास्ट एक्सप्रेस भी इस दौरान नहीं चलेंगी।
कुछ ट्रेनें छोटे रूटों पर चलेंगी
यात्रियों के लिए रेलवे की सलाह
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले IRCTC की वेबसाइट या रेलवे पूछताछ नंबर पर अपनी ट्रेन की स्थिति अवश्य जाँच लें। इससे किसी भी असुविधा या भ्रम से बचा जा सकेगा। रेलवे का कहना है कि यह कार्य यात्रियों की दीर्घकालिक सुविधा और भविष्य में बेहतर संचालन और समय की पाबंदी सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है।
नवीनीकरण के बाद क्या बदलाव होंगे
पुनर्निर्माण के बाद शालीमार स्टेशन की क्षमता में वृद्धि होगी। नई यार्ड लाइनें, बेहतर सिग्नलिंग प्रणाली, प्लेटफ़ॉर्म विस्तार और उन्नत यात्री सुविधाओं से स्टेशन का संचालन और अधिक कुशल हो जाएगा। रेलवे का लक्ष्य इस परियोजना के बाद शालीमार को एक प्रमुख टर्मिनल स्टेशन के रूप में अपनी भूमिका को और मज़बूत करना है।