अंतरजातीय विवाह योजना: भारत में आज भी, अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों को कई सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। पारिवारिक विरोध, सामाजिक दबाव और आर्थिक असुरक्षा ऐसे फैसलों को और भी कठिन बना देते हैं। अक्सर, नवविवाहित जोड़े आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपना नया जीवन ठीक से शुरू नहीं कर पाते हैं। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने ऐसे जोड़ों के लिए विशेष योजनाएं शुरू की हैं।
मध्य प्रदेश सरकार की पहल
मध्य प्रदेश सरकार ने सामाजिक समानता को बढ़ावा देने और जातिगत भेदभाव को कम करने के लिए अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना लागू की है। इस योजना से उन जोड़ों को राहत मिली है जो अपनी जाति से बाहर विवाह करके पारंपरिक सामाजिक मानदंडों को चुनौती देते हैं। सरकार का मानना है कि वित्तीय सहायता से ऐसे विवाहों को सामाजिक स्वीकृति भी मिलेगी।
₹2 लाख की वित्तीय सहायता
इस योजना के तहत, पात्र दंपतियों को कुल ₹2 लाख की सहायता राशि प्रदान की जाती है। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है। इसका उद्देश्य विवाह के बाद के शुरुआती खर्चों को वहन करने में सहायता करना और दंपति को आत्मनिर्भर बनाना है ताकि वे बिना किसी वित्तीय दबाव के अपने भविष्य की योजना बना सकें।
योजना के लिए पात्रता मानदंड
इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें निर्धारित की गई हैं। दूल्हा या दुल्हन में से किसी एक का अनुसूचित जाति से होना अनिवार्य है, जबकि दूसरा जीवनसाथी किसी अन्य जाति का होना चाहिए। विवाह का विधिवत पंजीकरण भी आवश्यक है। वैध विवाह प्रमाण पत्र के बिना आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल रखा है ताकि लोगों को सरकारी दफ्तरों में आने-जाने की ज़रूरत न पड़े। इच्छुक दंपत्ति मध्य प्रदेश सरकार के अनुसूचित जाति विकास पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय विवाह प्रमाण पत्र, पहचान पत्र और बैंक खाता विवरण अपलोड करना आवश्यक है।
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दस्तावेजों में सटीकता क्यों ज़रूरी है
आवेदन प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों में सटीक जानकारी देना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी भी स्तर पर कोई गलत जानकारी या जाली दस्तावेज पाए जाते हैं, तो आवेदन खारिज किया जा सकता है। इसलिए, आवेदन करने से पहले सभी दस्तावेजों की सावधानीपूर्वक जांच करना आवश्यक है ताकि योजना का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त किया जा सके।