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इस बार किसानो को मिली बड़ी खुशखबरी ,एमएसपी पर किसानो को मिलेगी ज्यादा एमएसपी
 

इस बार मानसून की कमी की वजह से कई राज्यों में किसानों को सूखे की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है ऐसे में कई जगहों पर तो किसान धान की बुवाई तक नहीं कर पाए  इससे धान का रकबा इस बार पिछले साल की तुलना में काफी कम हुआ है और धान का उत्पादन भी प्रभावित होने का अनुमान है इन हालातों की भी सरकार की ओर से इस बार धान की खरीदारी यानी एमएसपी पर अधिक खरीद करने का फैसला किया गया है इस बार सरकार किसानों से  518 लाख टन  तक का धान खरीद करेगी। 

इसके लिए राज्यवार लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा सरकार किसानों से धान की एमएसपी पर अधिक खरीद करके किसानों को लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही है ताकि किसानों की हानि की भरपाई हो सके केंद्र सरकार के खाद्य मंत्रालय ने खरीफ सीजन की फसलों की खरीदारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है इसके तहत 518 लाख टन की  खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जो पिछले साल की तुलना में 1 पॉइंट 6 फ़ीसदी ज्यादा है खाद्य विभाग ने पिछले साल खरीफ सीजन में 509.82 टन धान की खरीदी की थी कुल मिलाकर पिछले साल की तुलना में इस साल के अंदर सरकार 9 लाख  टन ज्यादा धान की खरीदारी करेगी आपको बता दें कि पिछले दिनों धान की बुवाई और खरीदारी को लेकर केंद्रीय खाद्य सचिव  सुधांशु पांडेय ने राज्य के साथ एक बैठक की। 

इस बैठक में धान खरीदारी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है धान के साथ ही केंद्र सरकार ने इस बार मोटे अनाज की खरीदारी करने का लक्ष्य भी दोगुना कर दिया बैठक में जलवायु परिवर्तन के कारण गेहूं और धान की फसल के उत्पादन पर असर पड़ने की संभावनाओं को देखते हुए खाद्य सचिव ने राज्य सरकारों से मोटे अनाज की खरीदी पर विशेष ध्यान देने को कहा है इसके तहत राज्य को खरीफ सीजन में 13 .17 लाख मैट्रिक टन मोटा अनाज खरीदने को कहा गया है अभी तक राज्य की ओर से 6 पॉइंट 30 लाख मैट्रिक टन मोटा अनाज खरीदा गया है अगर धान के अधिक उत्पादन की बात की जाए तो सबसे ज्यादा धान उत्पादन पश्चिम बंगाल में होता है यहां कुल 54 . 34 लाख हेक्टेयर में धान की खेती होती है जिससे सालाना करीब 146 .0 6 लाख टन का उत्पादन हो जाता है इसके अलावा उत्तर प्रदेश ,आंध्र प्रदेश, बिहार ,छत्तीसगढ़ राज्य में प्रमुखता से धान की खेती होती है। 


धान की सामान्य ग्रेड किस्म के एमएसपी को 2022-23 फसल वर्ष के लिए पिछले वर्ष के 1,940 रुपए से बढ़ाकर 2,040 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है। वहीं धान की ‘ए’ ग्रेड किस्म का समर्थन मूल्य 1,960 रुपए से बढ़ाकर 2,060 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है।