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प्रधानमंत्री फसल बिमा योजना के प्रचार रथो को भेजा इन जिलों में ,किसानो को बतायेगे फसल बिमा का फायदा
 

किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए कई राज्य में फसल बीमा रथ को रवाना कर दिया गया है इन बिमा रथो को रवाना  करने का उद्देश्य किसानों को फसल बीमा की जानकारी देना और इसके लाभों से उसको अवगत कराना है ताकि अधिक से अधिक किसान फसल बीमा योजना से जुड़ कर उसका लाभ ले सके आपको बता दें कि किसानों को प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान की और भरपाई  के लिए सरकार की ओर से फसल बीमा योजना शुरू हो गई है। 

इस योजना के तहत किसान अपनी कोई भी फसल का बीमा करा सकते हैं और प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा या क्लेम प्राप्त कर सकते हैं फसल बीमा किसानों के लिए सुरक्षा कवच का काम करती है मध्य प्रदेश के किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने पिछले दिनों प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रचारकों को भोपाल से रवाना किया था राज्य के 52 जिलों के लिए 52 प्रचार रथ रवाना किए गए हैं जो प्रत्येक गांव में जाकर किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ लेने के लिए जागरूक करेंगे ताकि प्राकृतिक आपदा ने पर यह फसल बीमा सुरक्षा कवच का काम कर सके। 

रथ को रवाना करने के दौरान कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ खास तौर से छोटे और वन ग्राम के किसानों को मिले इसलिए उनको भी जोड़ा गया है मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है जहां वन ग्राम का भी बीमा हो रहा है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पटवारी हल्का इकाई है राजस्व ग्राम होने से वन ग्राम का पटवारी हल्का नहीं होता है इसलिए हमने वन ग्राम को राजस्व ग्राम से लिंक करके वन ग्राम के सबसे जरूरतमंद आदिवासी जिन्हें बीमे की सबसे ज़्यादा आवश्यकता है, उन्हें फसल सुरक्षा कवच देने के प्रयास किया गया है यह प्रचारक 23000 ग्राम पंचायतों के प्रत्येक गांव में जाकर किसान संगोष्ठी और चौपाल लगाकर फसल बीमा के बारे में किसानों को जानकारी देंगे। 

अभी तक किसान यह समझते थे जिनका केसीसी पर ऋण  होता है उनका बीमा बैंक से कट जाता है जो खरीद फसल का 2% और अभी फसल का डेढ़ प्रतिशत प्रीमियम  होता है लेकिन जो  चूककर्ता या अऋणी हैं, उनका केसीसी से बीमा नहीं होता, लेकिन वे अलग से बीमा करा सकते हैं। इसी बात का प्रचार करने के लिए यह प्रचार रथ रवाना किए गए हैं, जो वन ग्रामवासियों को छोटी सी प्रीमियम राशि जमा करने पर फसल सुरक्षा कवच मिलने की जानकारी देंगे और फसल खराब होने पर बीमा कम्पनी से राशि दिलवाएंगे। 

13 जनवरी 2016 को यह प्रधानमंत्री  मंत्री फसल बीमा योजना शुरू की गई थी इसके तहत किसानों को बाढ़, आंधी ,तेज ,बारिश आंधी के कारण फसल में हुए नुकसान पर आर्थिक सहायता दी जाती है इसमें रबी और खरीफ की फसलों का बीमा किया जाता है इसके अलावा वाणिज्य फसलों का बीमा भी इसमें  कराया जा सकता है रबी की फसल बीमा कराने पर किसानों को डेढ़ फ़ीसदी प्रीमियम देना होता है जबकि खरीफ  फसलों के लिए 2 फ़ीसदी प्रीमियम तय किया गया है इसके अलावा वाणिज्य फसलों के लिए जिसमें बागवानी फसलें आती है उसका बीमा कराने 5 फ़ीसदी प्रीमियम किसानों को देना होता है आपको बता दें कि किसान को किसानों को फसल बुवाई के 15 दिन के अंदर है फसलों का बीमा कराना जरूरी होता है यह प्राकृतिक आपदा से किसानों की फसल को नुकसान होता है तो किसान फसल बीमा का क्लेम प्राप्त करने का अधिकारी होता है इसलिए के लिए किसान को फसल नुकसान की बेहतर घंटे के अंदर बीमा कंपनियां कृषि अधिकारी को सूचना देना जरूरी है।