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कम बारिश वाले जगहों पर हुयी फसलों की भरपाई के लिए सरकार ने तैयार किया प्लान
 

मानसून की बारिश यह सामान्य स्थिति के कारण देश के कई राज्य में सामान्य से भी कम बारिश हुई है इससे यहां के किसानों को नुकसान हो रहा है ऐसे में कई किसानों की  अब तक धान और खरीफ की  फसलों की बुआई नहीं कर पाए हैं झारखंड ,उत्तर प्रदेश ,बिहार ,उड़ीसा ,पश्चिम बंगाल ,छत्तीसगढ़ ऐसे राज्य हैं जहां इस मानसून सीजन में औसत से भी कम बारिश हुई है ऐसे में प्रदेश में  सूखे के हालातों को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने जिले के सभी कलेक्टरों के जिलों की सूची तैयार कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए ताकि किसानों को राहत दी जा सके। 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार छत्तीसगढ़ के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने राज्य के सभी जिलों कलेक्टरों को पत्र लिखकर प्रदेश में मानसून 2022 में कम वर्षा खंड वर्षा के कारण सूखे की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं राजस्व मंत्री ने पत्र में लिखा है कि प्रदेश के कई जिलों में मानसून 2022 में काम अथवा खंड वर्षा होने की वजह से कई तहसीलों में सूखे की स्थिति उत्पन्न हो गई है। 

सभी कलेक्टरों को भेजे गए इस पत्र में मंत्री ने लिखा है कि जिन क्षेत्रों में आकलन के आधार पर कम वर्षा वर्षा से प्रभावित हुई है उसकी सूचना तत्काल दी जाए राजस्व मंत्री ने कलेक्टरों को यह भी निर्देशित किया है कि राहत मैनुअल के अनुसार यथोचित कार्यवाही कर प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया जाना सुनिश्चित किया जाए  राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कलेक्टरों को औसत से कम बारिश वाली तहसीलों का राहत में नियम 2022 के प्रावधान के अनुसार फसलों के राजस्व कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के माध्यम से नजरि आकलन  कराने के निर्देश दिए हैं  मुख्य सचिव ने कहा कि औसत से कम बारिश वाली 28 तहसीलों में राहत कार्य शुरू कराने के लिए तत्काल कार्य योजना भी तैयार की जाए। 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ राज्य के 9 जिलों की 28 तहसीलों में एक अगस्त 2022 की स्थिति में 60 प्रतिशत से कम औसत वर्षा हुई है। इनमें 8 तहसीलें ऐसी हैं जहां 40 प्रतिशत से भी कम बारिश हुई है। ऐसी तहसीलों में फसलों का नजरी आकलन कराकर सूखा घोषित करने हेतु नियमानुसार शासन को एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश दिए गए हैं।