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केवल इतने से पैसे में खेत में लगवा सकते है सोलर प्लांट ,बस पहले जमा करवाने होंगे ये कागज

 

सौर ऊर्जा से देश के माध्यम गरीब परिवार के जीवन में बदलाव आ रहा है। सौर ऊर्जा से जुड़ने के लिए सरकार तमाम योजनाएं चला रही है। राज्य सरकार इस ओर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई तरह के प्रयास कर रही है। पीएम कुसुम योजना का लाभ लेकर किसान अपने खेतों में सिंचाई के लिए सोलर पंप लगवा रहे हैं।  वहीं राजस्थान सरकार ने भी सौर ऊर्जा के जरिए किसानों की आय बढ़ाने के लिए सौर कृषी आजीविका योजना चलाई है। इस योजना का लाभ लेकर किसान अपनी बंजर और अनुपयोगी जमीन पर सोलर प्लांट लगवा कर अच्छा पैसा कमा सकते हैं। 

 इस योजना से जुड़ने के लिए सरकार ने पोर्टल भी तैयार किया है जो किसान अपना रजिस्ट्रेशन करवा कर अपने दस्तावेज अपलोड करके आज स्थान दे सकते हैं साथ ही सोलर एनर्जी प्लांट लगाने वाले डिवेलप से भी जुड़ सकते हैं राजस्थान सरकार की ओर से सौर कृषि आजीविका योजना से अभी तक राज्य के 7217 किसान जुड़ चुके हैं। वहीं 34621 से अधिक लोगों ने पोर्टल पर विजिट किया है। किसानों और डेवलपर को साथ में जोड़ने के लिए सौर कृषि आजीविका योजना का ऑफिशियल पोर्टल www.skayrajasthan.org.in भी लॉन्च किया गया है यहां किसान को अपनी जमीन से जुड़ी जानकारी अपलोड करनी होती है। 

पोर्टल पर सोलर प्लांट लगाने वाले निजी कंपनियां और विकास करता भी है जो अपनी सहूलियत के हिसाब से लीज पर लेने के लिए किसानों की जमीन का चयन करते हैं। इसके बाद सोलर प्लांट लगाने के लिए किसानों से सीधा संपर्क किया जाता है जब दोनों पक्ष सोलर एनर्जी प्लांट लगाने के लिए राजी है तो वेरीफिकेशन प्रोसेस का पूरा करके सोलर प्लांट की अनुमति मिल जाती है। 

सौर  कृषि आजीविका योजना के तहत सोलर प्लांट लगवाने के लिए किसानों को ₹1180 का पंजीकरण शुल्क के तौर पर  मुक्त कर भुगतान करना होगा वहीं डेवलपर को भी पंजीकरण शुल्क के तौर पर ₹5900 रूपये  जमा कराने होंगे जब दोनों  पक्ष  फीस और दस्तावेज जमा कराएंगे तभी  डिस्कॉम की ओर से आवेदन की जांच करके भूमि का सत्यापन किया जाएगा। जल्दी किसान और डेवलपर्स की समस्या को समाधान के लिए डिस्कॉम स्तर पर डेडिकेटेड हेल्पडेस्क भी बनाई जाएगी।