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इस पेड़ की लकड़ी से बनती है कागज की लुगदी ,यहां जाने इसकी खेती करके किसान कैसे कमा सकते है मुनाफा

 

सफेदा यानी  कि यूकेलिप्टस की लकड़ी की मार्केट में काफी मांग है। इसकी  लकड़ी के फर्नीचर ,ईंधन तथा कागज की लुगदी बनाने के काम आती है हालांकि इसकी खेती के दौरान किसानों को काफी संयम बरतने की जरूरत होती है। ऐसा नहीं है कि इसके पौधे को लगाते ही आप का मुनाफा कई गुना बढ़ जाएगा। 

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सफेदा की लकड़ी फर्नीचर,ईंधन  तथा कागज की लुगदी बनाने के काम आती है।

भारत में  कुछ सालों से किसानों के बीच जागरूकता में तेजी से इजाफा हुआ है। अभी पारंपरिक खेती से इतर नए जमाने की फसलों की भी किसानी करने लगी है। किसानों के बीच मुनाफेदार पौधे की खेती का चलन काफी तरह से बढ़ा  है। सफेदा की खेती करके किसान आराम से लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं। सफेदा की लकड़ी फर्नीचर,ईंधन  तथा कागज की लुगदी बनाने के काम आती है। 

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खेत समतल होने के बाद 5 फिट की दूरी पर एक फिट चौड़ाई और गहराई के गड्डे तैयार कर लें

यह पौधा तकरीबन 5 से 8 साल में एक पेड़ के तौर पर विकसित होता है हालांकि से पौधे की खेती करने वाले किसान बताते हैं कि बीमारी की वजह से इस फसल को काफी नुकसान होता है। इसके अलावा पौधा गांठ बनने की समस्या भी सामने आती है ऐसे में विशेषज्ञों की सलाह से किसानों को समय समय पर कीट और रोगों से रोकथाम के लिए उपाय तलाशने चाहिए। इसके पौधों को उन क्षेत्रों में लगाने की सलाह दी जाती है जिन क्षेत्रों में तापमान करीब 29 से 35 डिग्री के आसपास  हो साथ ही खेत में आप जहाँ सफेदा  के पौधे लगा रहे हैं और ठीक-ठाक जल निकासी की व्यवस्था होनी चाहिए इस पौधे के विकास के लिए दोमट मिट्टी में सबसे ज्यादा उपयुक्त मानी जाती है।  सफेदा के पौधे लगाने के लिए सबसे पहले खेतों की जुताई कर लें. जुताई करने के बाद मिट्टी को अच्छी तरह से समतल कर लें। खेत समतल होने के बाद 5 फिट की दूरी पर एक फिट चौड़ाई और गहराई के गड्डे तैयार कर लें। प्रत्येक पंक्तियों के बीच 5 से 6 फिट की दूरी जरूर रखें। बता दें कि इस पौधे के बीच आप अंतरफसली फसलों की खेती कर अच्छा-खासा मुनाफा कमा सकते हैं.

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इतनी होगी आय


सफेदा लकड़ियों को बेच कर आराम से 70-80 लाख की आय हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर खेतों में पौधे सघन लगाए गए हैं तो इसकी लकड़ियों का उपयोग चौथे वर्ष से भी करना शुरू कर सकते हैं।