Movie prime
फसल राहत योजना :खरीफ फसल के नुकशान पर सरकार देगी 20 हजार रूपये ,यहां जाने इस योजना की पूरी जानकारी
 

इस समय मानसून सीजन में बारिश का दौर जारी  है कई राज्य में अधिक बारिश तो कई राज्य में कम बारिश हुई है अधिक बारिश और  सामान्य से कम बारिश से खरीफ की फसलों को नुकसान पहुंचा है खरीफ फसलों के नुकसान पर सरकार ने किसानों को ₹20000 अधिकतम आर्थिक मदद का फैसला किया है सरकार डीबीटी के माध्यम से किसानों के खातों में यह पैसे भेजेगी जिनके पास  पास केसीसी यानी किसान क्रेडिट कार्ड नहीं है उनकी पहचान के बाद स्थानीय स्तर पर शिविर लगाकर किसानों की मदद की जाएगी आज हम आपको इसके बारे में पूरी जानकारी है। 

उत्तर प्रदेश ,झारखंड, राजस्थान सहित कई राज्य में अब तक सामान्य से कम बारिश हुयी है  झारखंड में इस साल मानसून सीजन के दौरान अब तक 58 फ़ीसदी बारिश है झारखंड में कम बारिश से खरीफ फसलों को काफी नुकसान हुआ है झारखंड में कम बारिश की वजह से अकाल जैसे हालात पैदा हो गए किसानों की फसलें बर्बाद हो गई अब किसान कम बारिश  की वजह से किसान बुवाई नहीं कर पा रहे हैं मौसम विभाग की भविष्यवाणी भी सही नहीं है और बारिश की कमी के कारण झारखंड फसल बुवाई के मामले में काफी पीछे है। 

झारखंड के लक्ष्य के मुकाबले 11 पॉइंट 7 फ़ीसदी बारिश हो पाई है अकाल जैसे हालातो को देखते हुए राज्य के हेमंत सोरेन सरकार ने फसल योजना शुरू की है इसके तहत राज्य के किसानों को प्रति एकड़ के हिसाब से फसल का नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा झारखंड में 1 जून से 21 जुलाई के बीच  109.3  एमएम बारिश हुई जबकि सामान्यतः इस अवधि के दौरान 403 .4 एमएम बारिश होती है कम बारिश के कारण किसानों के खेतों में धान की बुवाई नहीं कर पाए हैं राज्य में धान की बुवाई का उपयुक्त समय 15 जून से 15 जुलाई तक माना जाता है राज्य में कंटीन्जेसी प्लान बनाया जा रहा है किसानों को वैकल्पिक खेती के लिए कहा जा रहा है। 

किसानों को कम अवधि वाले धान की खेती करने की सलाह दी जा रही है  राज्य के हालातों को देखते हुए कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने राज्य के सभी जिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में फसल राहत योजना शुरू कराने के निर्देश दिए कृषि मंत्री ने मिडिया को बताया की इसके लिए सरकार ने सभी तरह की तैयारी शुरू कर दी  झारखंड में फसल राहत योजना का लाभ सभी रैयत एवं बटाईदार किसानों को मिलेगा जो झारखंड राज्य के निवासी हैं आवेदक किसान की आयु 18 वर्ष से ज्यादा होनी चाहिए आवेदक किसान के आधार की वेध संख्या  होनी चाहिए योजना का लाभ न्यूनतम 10 डेसीबल और अधिकतम 5 एकड़ भूमि के लिए किसानों को मिलेगा। 

योजना सभी किसानों के लिए स्वैच्छिक है सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए फसल योजना का प्रचार प्रसार करने का निर्णय लिया है यह सहयोग अधिकतम 5 एकड़ भूमि पर मिलेगा इस योजना के तहत किसानों को सीबीटी  के माध्यम से राज्य सरकार की तरफ से ₹20000 का सहयोग दिया जाएगा प्रति एकड़ भूमि पर अधिकतम ₹4000 की राशि दी जाएगी जिनके पास किसान क्रेडिट कार्ड नहीं है उन्हें कैंप लगाकर योजना का लाभ दिया जाएगा झारखंड राज्य के किसान जो इस योजना की पात्रता रखते हैं वे https://jrfry.jharkhand.gov.in/ पर स्वयं या कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। योजना का लाभ केवल प्राकृतिक आपदा से होने वाले फसल नुकसान के मामले में दिया जाएगा। 
योजना का लाभ लेने के लिए प्रत्येक फसल मौसम ( खरीफ एवं रबी) में अलग-अलग निबंधन एवं आवेदन करना होगा।
योजना में भाग लेने के लिए कोई प्रीमियम देय नहीं होगा
प्राकृतिक आपदा से हुए फसल क्षति का आकलन एवं निर्धारण क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट द्वारा किया जाएगा
30 से 50 प्रतिशत तक फसल क्षति होने पर आवेदक को प्रति एकड़ 3000 रूपये की सहायता राशि दी जाएगी
50 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति होने पर आवेदक को प्रति एकड़ 4000 रूपये की सहायता राशि दी जाएगी
सहायता राशि अधिकतम 5 एकड़ तक फसल नुकसान के लिए दी जाएगी।