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Pitru Paksha 2022:इस जगह पर पिंडदान करने से पितरो को मिलता है सीधा स्वर्ग ,भगवान शिव ने भी उतारा था ब्रह्म हत्या का पल
 

सनातन धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्व है पितृपक्ष की शुरुआत 10 सितंबर 2022 से शुरू हो चुकी है यह 25 सितंबर 2022 तक 16 दिन तक चलने वाले पितृपक्ष में सभी पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण दान और श्राद्ध किया जाता है।

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 इस दौरान बहुत से लोग अपने पूर्वजो का पिंडदान करने के लिए भारत के अलग-अलग हिस्सों में जाते हैं जैसे की  हरिद्वार, ऋषिकेश ,प्रयागराज और बोध गया इसके अलावा एक और जगह जहां पिंड दान करके 10 गुना लाभ प्राप्त कर सकते हैं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ब्रह्मा कपाल वह पवित्र स्थल है जो अलकनंदा नदी के किनारे बसा हुआ है । \brhmkpal

 यह बद्रीनाथ मंदिर से कुछ ही दूरी पर मौजूद है इस स्थान पर हर साल लाखों लोग पिंडदान करते हैं कहते हैं कि यहां पिंडदान करने से पूर्वजों की आत्मा सीधे स्र्वग की ओर जाती है पुरानी कथाओं के अनुसार भगवान शिव ने ब्रह्मा का पांचवा सिर काटा था तो वह इसी स्थान पर आकर गिरा था इसके बाद जब भगवान शिव पर ब्रह्म दोष का पाप लगा तो इसके समाधान के लिए वह भगवान विष्णु के पास गए भगवान विष्णु ने भगवान शिव को ब्रह्म कपाल में जाकर श्राद्ध करने की सलाह दी थी भगवान शिव ने इसी स्थान पर आकर पिंडदान किया तब जाकर उन्हें ब्रह्म दोष से मुक्ति मिली। 

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इसके अलावा पांडव जब स्र्वग  की तरफ जा रहे थे तो उन्होंने इसी स्थान पर अपने पितरों का तर्पण किया था जिसके बाद से मान्यता चली आ रही है इस जगह पर पिंडदान करने से 10 गुना ज्यादा लाभकारी माना जाता है।