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पेट्रोल डीजल कार है एंटी डिमांड जबरदस्त डिमांड में ,चल रही है 22 महीनो की वेटिंग में
 

इलेक्ट्रिक कार  भविष्य का ट्रांसपोर्ट हो सकती है लेकिन पेट्रोल डीजल की कारों की डिमांड कम नहीं हुई है। बड़ी टेलीकॉम कंपनी  पारम्परिक कारों का उत्पादन बढ़ाने पर 21000 करोड रुपए से ज्यादा खर्च करने वाली है। मारुति सुजुकी। टाटा मोटर्स महिंद्रा एंड महिंद्रा किआ मोटर्स ,हुंडई टोयोटा जैसी कंपनियां पेट्रोल डीजल कारों की क्षमता बढ़ाने में जुटी हुई है। 

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पेट्रोल-डीजल कारों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर 20 हजार करोड़ खर्च करेंगी कंपनियां

ऐसी कारों की डिमांड का हाल यह है कि उनके लिए 20-22 महीने की वेटिंग चल रही है। आठ लाख से ज्यादा कारो कि डिलीवरी पेंडिंग है ,इसमें 99 परसेंट पेट्रोल डीजल कारें हैं ,इसलिए मारुति सुजुकी ,टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर के मुताबिक यह कंपनियां पेट्रोल -डीजल कारों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर करीब 20000 करोड रुपए खर्च करेगी ।  

लगातार बढ़ रही है SUV की डिमांड ,तैयारी में  कंपनियां 

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1  टाटा मोटर्स :

उत्पादन क्षमता सालाना छह लाख से बढ़कर नौ लाख करेगी ,सानंद प्लांट चालू होने के बाद मासिक उत्पादन 25 से 30,000 बढ़ेगी। उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर 6000 करोड रुपए खर्च करने जा रही है। 

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2  महिंद्रा एंड महिंद्रा 

अगले 8 साल में एसयूवी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाकर सालाना छह लाख करेगी। अभी कंपनी हर साल 3 से  3-3.5 लाख एसयूवी भी बनाती है। उत्पादन बढ़ाने के लिए कंपनी साल में 8000 करोड रुपए की बढ़ोतरी करेगी। 

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 3 मारुति सुजुकी 

देश की सबसे बड़ी कार कंपनी ने हरियाणा में नई पेंशन योजना बनाई है। इस पर ₹7000 खर्च किए जाएंगे कंपनी पेट्रोल डीजल वेरिएंट लॉन्च करेगी 


नई कारों की बिक्री में EV की हिस्सेदारी 1% भी नहीं

अप्रैल-सितंबर के बीच देश में 18,142 EV बिकीं। दूसरी तरफ इसी दौरान 19,36,740 कारें बिकीं। नई कारों की बिक्री में EV की हिस्सेदारी सिर्फ 0.93% रही।
 वही अप्रैल से सितंबर के बीच देश में 18142 ईवीबी की दूसरी तरफ इसी दौरान 19019 लाख 36740 कारें बिकी नई कारों की बिक्री में ईवी की सिधारी सिर्फ 0.93% ही रही।