Movie prime
काशी विश्वनाथ मंदिर में अब हाथ से बनी कागजो की चप्पल की होगी बिक्री ,पीएम मोदी का था ये आईडिया
 

वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में आने वाली  श्रद्धालुओं को सबसे पहले खाद्य द्वारा बनाई गई यूज एंड थ्रो चप्पलें  मुहैया कराई जाएंगी ताकि उन्हें मंदिर में नंगे पैर ना चलना पड़े एजेंसी के अनुसार 100% पर्यावरण के अनुकूल लागत प्रभावी चप्पल भारत में पहली बार बनाई गई है। 

io

यह चप्पलें खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा 14 जनवरी से मंदिर के भक्त और श्रमिकों के उपयोग के लिए बेचीं  जाएगी इन च्प्प्लो की बिक्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की पार्किंग में स्थित खादी बिक्री केंद्र से होगी हस्तनिर्मित कागज की चप्पलों की कीमत ₹50 प्रति जोड़ी की मामूली दर से होगी प्रशासन द्वारा जारी एक बयान के अनुसार जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पता चला कि मंदिर में काम करने वाले ज्यादातर लोग नंगे पैर अपना कर्तव्य निभाते हैं तो उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर के कार्यकर्ताओं के लिए जूट  की चप्पलें भेजी। 

io

मंदिर परिसर में चमड़े ,रब्बर से बने जूते पहनना मना है केवाईसी के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि हाथ से बनी कागज की चप्पलों के इस्तेमाल से मंदिर की पवित्रता बनी रहेगी साथ ही भक्तों को गर्मी और ठंड से भी बचाया जा सकेगा साथ ही अपने किसी भी तरह के प्रदूषण को रोकेगी क्योंकि प्राकृतिक रेशों से बनी हुई होती है। 

io

मुहैया कराई जाएंगी ताकि उन्हें मंदिर में नंगे पैर ना चलना पड़े एजेंसी के अनुसार 100% पर्यावरण के अनुकूल लागत प्रभावी चप्पल भारत में पहली बार बनाई गई है।