Movie prime
क्यों बाइक का माइलेज स्कूटी से ज्यादा होता है ,यहां जाने इसका कारन
 

 स्कूटी का  माइलेज सामान्य तौर पर बाइक से कम होता है   ये अक्सर आप सोचते होंगे  उदाहरण के तौर पर आप होंडा 125cc  एक्टिवा ले लीजिए और होंडा 125cc सुपर स्प्लेंडर ले लीजिए जहां एक्टिवा से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की माइलेज देती है वही सुपर स्प्लेंडर 57 किलोमीटर प्रति घंटे की माइलेज देती है इतना अंतर क्यों है इसके बारे में बताते हैं आप इन दोनों गाड़ियों का वजन भी देखेंगे तो स्कूटी का वजन 111 किलो है वही बाइक का वजन 122 किलोग्राम है इस बीच स्पेस  की बात करें तो भी आपको स्कूटी में बाइक की तुलना में ज्यादा स्पेस दिखती है स्कूटी में अब आगे सामान रख सकते हैं और वजन और स्पेस वाला भी आपका अंदाजा माइलेज पर आकर फेल हो जाता है ऐसे में सोचते होंगे किस वजह से माइलेज में अंतर है। 

baik

इसका जवाब है पहिए की साइज की वजह से ,स्कूटी का पहिया छोटा होता है बाइक का पहिया बड़ा होता है बाइक के बड़े होने से इंजन के एक चक्कर में ज्यादा दूरी तय कर लेते हैं वही स्कूटी का छोटा है इसलिए कम दूरी तय करता है ऐसे में आप कह सकते हैं कि माइलेज  पहिये पर डिपेंड करता है बड़े पहिए या ज्यादा परिधि कवर होती है और और छोटे से कम. जब दूरी ज्यादा तय होगी तो माइलेज ज्यादा आएगा । 

baik

 स्कूटर और स्कूटी में एक बड़ा अंतर ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन का है अगर आप देखेंगे कि स्कूटी में गियर नहीं बदलना पड़ता है इससे में ट्रांसमिशन ऑटोमेटिक होता है वही बाइक में गियर बदलने की जरूरत पड़ती है यह स्पष्ट है कि जब ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन होता है तो गाड़ी का माइलेज भी कम होता है और इसी वजह से स्कूटी का माइलेज कम होता है और बाइक का ज्यादा। 

baik

 पहले स्कूटर में टू स्ट्रोक इंजन होता था वही बाइक में 4 स्ट्रोक इंजन होता है टू स्ट्रोक इंजन ज्यादा कार्बन मोनोऑक्साइड प्रोड्यूस करते थे और फ्यूल बर्निंग भी ज्यादा होती थी जबकि फोर स्ट्रोक इंजन में कम पेट्रोल खर्च होते थे और प्रदूषण भी कम होता है सामान्य तौर पर देखें तो टू स्ट्रोक इंजन में इंजन 2 स्टेज में एक साइकिल पूरा करता था दूसरी तरफ फोर स्ट्रोक इंजन में इंजन फोर स्टेज में एक साइकिल पूरा करता था हालांकि 1996 के बाद से टू स्ट्रोक इंजन बंद हो गए हैं।