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'निलंबन' और 'बर्खास्तगी 'में क्या अंतर् होता है ?
 

हाल ही में काम के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने पर योगी सरकार ने 2008 बैच की आईपीएस अधिकारी अलंकृता सिंह को निलंबित कर दिया था एसपी अलंकृता सिंह महिला का बाल सुरक्षा संगठन के पद पर तैनात थी इस दौरान बताया गया कि वह 20 अक्टूबर से अब तक अपने दफ्तर से बिना किसी सूचना के  लंदन के दौरे पर है बिना किसी प्रकार का अवकाश स्वीकृत कराए कार्यस्थल से अनुपस्थित रहने और बिना शाशकीय अनुमति के विदेश यात्रा पर जाने का दोषी पाए जाने पर अलंकृता को निलंबित कर दिया गया है। 

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गृह विभाग ने उनके निलंबन का आदेश जारी कर दिया है आपने ज्यादातर 'निलंबित' और 'बर्खास्त' दो तरह के शब्द सुने होंगे लेकिन क्या आप इनका मतलब जानते हैं यह शुद्ध हिंदी के दो ऐसे शब्द जिनके बीच के अंतर को लोग अक्सर समझ नहीं पाते ऐसे अंग्रेजी में इसका मतलब ज्यादातर लोग जानते हैं लेकिन  हिंदी में इसको लेकर हमेशा कंफ्यूज रहते हैं ऐसे में आज हम आपको बताते हैं इन दोनों शब्दों के मतलब क्या है दरअसल सरकारी नौकरी में दो तरह के मुख्य दंड होते हैं पहला 'लघु दंड या माइनर पेनल्टी' जबकि दूसरा  दूसरा 'दीर्घ दंड या मेजर पेनल्टी'। 

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 निलंबन और बर्खास्त इन्हीं दोनों दण्डो को परिभाषित करते हैं अंग्रेजी में निलंबित को सस्पेंड कहते हैं निलंबित करने का मतलब किसी कर्मचारी को सस्पेंड करना होता है अगर किसी कर्मचारी को उसके विभाग द्वारा निलंबित कर दिया जाता है तो इसका मतलब है कि कर्मचारी एक निश्चित समय तक ऑफिस में काम नहीं करेगा विभाग द्वारा तय सीमा खत्म होने के बाद कर्मचारी पहले की तरह अपनी नौकरी पर लौट जाएगा आप किसी भी कर्मचारी को लंबे समय के लिए सस्पेंड नहीं कर सकते लेकिन उस दौरान उस पर लगे आरोपों की जांच होती है अगर उस कर्मचारी को निलंबित किया जाता है तो इस दौरान उसे सैलरी का आधा हिस्सा और महंगाई भत्ता मिलता रहता है लेकिन नौकरी पर वापस लौटने के बाद उसकी पूरी सैलरी मिल जाती है और पहले की तरह अपनी पोस्ट पर नौकरी कर सकता है ये एक तरह  का ऑफिशियल दंड है जो उसके  बड़े अधिकारी द्वारा दिया जाता है। 

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अगर किसी कर्मचारी ऑफिस में रहते हुए कोई बड़ा अपराध किया है इस पर लंबी जांच के बाद ही कर्मचारी के भविष्य पर फैसला लिया जाता है अगर इस दौरान कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसे बर्खास्त कर दिया जाता है अंग्रेजी में बर्खास्त को 'टर्मिनेट या डिसमिस 'भी कहते हैं यह निलंबन का अगला चरण है अगर कोई कर्मचारी जांच में दोषी पाया जाता है तो उसे बर्खास्त किया जाता है बर्खास्त करने का मतलब किसी कर्मचारी को हमेशा के लिए नौकरी से निकाल दिया जाना, बर्खास्त का अधिकार विभाग के सर्वोच्च अधिकारी के पास होता है अगर किसी सरकारी कर्मचारी को उसका विभाग नौकरी से बर्खास्त करता है तो वह  कभी भी भविष्य में सरकारी नौकरी के लिए अप्लाई भी नहीं कर सकता इसके अलावा चुनाव भी नहीं लड़ सकता है।