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राहु और केतु के दुष्प्रभावो को झट से खत्म करेंगे ये उपाय
 

 ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों का व्यक्ति के जीवन और उनके आचरण पर खासा असर देखने को मिलता है हर ग्रह कुंडली में अपने भाव के अनुसार व्यक्ति का अच्छा और बुरा फल देते हैं ज्योतिष के अनुसार राहु और केतु इन दो ग्रहों के दशाएं हमेशा चिंतित करने वाली होती है यह दोनों ग्रह  प्रत्यक्ष रूप से ब्रह्मांड में दिखाई नहीं देते हैं लेकिन इनका प्रभाव व्यक्ति कुंडली में बहुत व्यापक होता है  यह ग्रह सूर्य या चंद्रमा के साथ व्यक्ति की कुंडली में बैठा है तो सूर्य ग्रहण दोष या चंद्र ग्रहण दोष लगा सकता है आज हम आपको राहु और केतु की ग्रह शांति के उपाय के बारे में बताते हैं। 

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कुंडली में अगर राहु का अच्छा पर बुरा प्रभाव है तो अचानक व्यक्ति के  साथ कोई घटना  घटती है और राहु के द्वारा बनाए गए यह योग के कारण ही होता है राहुल के बुरे प्रभाव की वजह से   डरावने सपने आना ,नींद में अचानक घबरा कर उठ जाना, राहु  के बुरे प्रभाव के लक्षण माने जाते हैं केतु का प्रभाव नकारात्मक होने पर व्यक्ति की नींद में खलल पड़ता है घर परिवार में धन का अनावश्यक व्यय  करवाता है इस ग्रह के प्रभाव से जोड़ों का दर्द ,संतानोतपत्ति   में रुकावट भी होती है। 

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हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार राहु -केतु की शांति के लिए बहुत सारे उपाय किए जाते हैं लेकिन इन सभी उपाय में सबसे तेज फलित होने वाला उपाय है उस दिन का व्रत करना है ऐसा माना गया है कि राहु और केतु ग्रह की शांति के लिए 18 शनिवार तक लगातार व्रत करने का विधान है राहु का व्रत करने के लिए काले रंग के वस्त्र धारण करें और राहु के बीज मंत्र  और केतु की शांति के लिएबीज मंत्र का 18 ,ग्यारह ,पांच माला जाप करें ऐसे करने से जल्दी आप को सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।