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ये है पितृदोष के लक्षण ,श्राद्ध पक्ष में ऐसे पाए पितृ पक्ष से मुक्ति
 

धार्मिक मान्यता के अनुसार यदि किसी व्यक्ति का मृत्यु के पश्चात विधि विधान से अंतिम संस्कार ना किया जाए या फिर किसी व्यक्ति अकाल मृत्यु हो जाए तो इसके परिवार के कई लोगों सहित कई पीढ़ियों तक पितृदोष का दंश झेलना पड़ता है ज्योतिष के अनुसार यदि किसी जातक की कुंडली में पितृ  दोष है तो उसे कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है पितृ  दोष के कारण परिवार में समस्याओं का सिलसिला लगा रहता है पितृदोष के कई लक्षण दैनिक जीवन में दिखाई देते हैं । 

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1  पितृ  दोष के कारण व्यक्ति बार-बार दुर्घटना का शिकार होता है साथ ही उसके जीवन में होने वाले सभी मांगलिक कार्यों में किसी न किसी कारण से बाधाएं उत्पन्न होती है। 

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2 परिवार में किसी भी सदस्य का विवाह ना हो पाना भी पितृदोष की वजह से होता है परिवार का कोई ऐसा व्यक्ति जो शादी के योग्य है लेकिन उसका विवाह नहीं हो रहा है इसके अलावा परिवार का कोई ऐसी व्यक्ति जिसका विवाह होने के बाद भी तलाक हो जाना है किसी कारण से अलग रहना भी पितृ दोष का कारण है। 

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3  पितृ  दोष  के अशुभ प्रभाव से संतान सुख में बाधा आती है यदि संतान हो जाए तो वह मंदबुद्धि  ,विचित्र या  चरित्रहीं होती है। 

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 4 धन संपत्ति से परिपूर्ण होने के बाद भी परिवार में एकता नहीं है और अशांति का माहौल बना रहता है यह भी पितृदोष के कारण है पित्र दोष होने से घर परिवार में हमेशा कलाई स्थिति रहती है जिससे व्यक्ति मानसिक तनाव में रहता है। 

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पितृदोष को दूर करने के कई उपाय हैं :पूर्वजों की तिथि के दिन ब्राह्मण को भोजन करवाएं और श्रद्धा पूर्वक दान दे संध्या के समय दक्षिण दिशा की ओर दीपक जलाएं यदि रोज न  सम्भव  है तो पितृपक्ष के दौरान जरूर जलाएं ,कुंडली में यदि पित्र दोष है तो उसके लिए कुंवारी कन्या का विवाह कराया यदि विवाह नहीं करा सकते तो किसी गरीब कन्या के विवाह में मदद करें ,पितृदोष को प्रभाव को कम करने के लिए दक्षिण दिशा में पितरों की तस्वीर लगाएं रोज दर्शन  करें इससे पूर्व की नाराजगी कम होती है और पितृ  दोष का प्रभाव भी कम होने लगता है।