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दक्षिण और पूर्व की तरफ पैर करके सोने के है ये खतरनाक कारन
 

भारतीय ज्योतिष वास्तु और हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार दक्षिण या पूर्व दिशा में पैर करके नहीं सोना चाहिए इस दिशा में पैर करके सोने से शारीरिक और मानसिक क्षति होने की बात बताई गई आज हम आपको बताते हैं कि दक्षिण पूर्व दिशा में करके सोने से क्या नुकसान होते हैं। 

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दक्षिण दिशा में पैर और उत्तर दिशा में सीरी है कैसी पोजीशन है जिसमें मरे हुए व्यक्ति को रखा जाता है इसलिए कि उसकी संपूर्ण ऊर्जा बाहर निकल जाए दक्षिण में यमदूतो और दुष्टो का  निवास होता है विज्ञान के दृष्टिकोण से देखा जाए तो  दोनों उत्तरी और दक्षिण दूर्वा में चुंबकीय प्रवाह विद्यमान होता है दक्षिण में पैर रखकर सोने से व्यक्ति की शारीरिक ऊर्जा का क्षय होने से व्यक्ति सुबह उठता है तो थकान महसूस करता है लगातार यह स्थिति बनी रहने से व्यक्ति के निराशा वाले भाव निर्मित हो जाते हैं। 

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उत्तर दिशा की ओर धनात्मक भाव रहता है औरदक्षिण दिशा ऋणात्मक भाव रहता है हमारा सिर का स्थान  धनात्मक प्रवाह वाला और पैर का ऋणात्मक प्रवाह  बनाने वाला है यह चुंबक  के समान होता है ये आपस में नहीं मिल सकते हैं। 

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 पश्चिम दिशा में सिर रखकर नहीं सोना चाहिए क्योंकि तब हमारे पूर्व दिशा हमारे पैर पूर्व दिशा की ओर होंगे जो कि शास्त्रों के अनुसार अनुचित और अशुभ माने जाते हैं पूरब  में सूर्य की ऊर्जा का प्रवाह भी होता है और यह ऊर्जा के प्रवाह भी नियम के विरुद्ध भी है पूर्व में देवी देवताओं का निवास होता है पूर्व दिशा में पैर करके सोने से सूर्य देव का अपमान होता है पूर्व की ओर पैर करके सोने से जीवन में चिंता बनी रहती है दक्षिण दिशा मंगल ग्रह की है मंगल ग्रह क्रूर ग्रह इस दिशा में पैर करके सोने से भी मंगल दोष उत्पन्न होने की संभावना रहती है।