Movie prime
Sawan 2022: क्यों सावन में शिव अभिषेक करने से देते है मनोवांछित फल ,यहां जाने इसकी वजह
 

सावन के महीने की शुरुआत हो गई है यह महीना भगवान शिव को बहुत ही प्रिय है इस महीने विशेषकर भगवान शिव का जलाभिषेक होता है हालांकि पूरे साल भी भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक हो सकता है सावन महीने में पूरे देश के मंदिरों में भक्तों से महादेव की पूजा करने और अभिषेक करने के लिए आते हैं आज हम आपको बताते हैं कि सावन के महीने में भगवान शिव का जलाभिषेक क्यों किया जाता है। 

shiv

शिवपुराण की कथा के अनुसार जब समुद्र मंथन हुआ था उसमें सबसे पहले विष  निकला और उसकी वजह से पूरे संसार में संकट छा गया क्योंकि वह देव,मनुष्य, पशु, पक्षी आदि सभी जीवन के लिए हानिकारक था अब समस्या यह थी कि उसका क्या होगा और इस संकट का क्या हल है ऐसे में देवों के देव महादेव ने  संकट से पूरी सृष्टि को बचाने का निर्णय लिया और उन्होंने पूरा विष  पीना शुरु कर दिया उसी समय माता पार्वती ने उसको भगवान शिव के कंठ में ही रोक दिया इस वजह से विष उनके कंठ  में ही रह गया और पुरे शरीर में नहीं पहलाफैला। \

shiv

 इसकी वजह से ही शिवजी का कंठ नीला हो गया उसका प्रभाव शिवजी पर ना हो इसके लिए सभी देव ने मिलकर उनका जलाभिषेक किया इस वजह से वह काफी प्रसन्न हुए थे यह घटना सावन के महीने में हुई थी इस वजह से हर साल सावन के महीने में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया जाता है ताकि उनकी कृपा प्राप्त हो।  

shiv

 वही कहते हैं कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तप किया था सावन के महीने भगवान शिव की तपस्या से पूर्ण प्रसन्न हुए थे उनकी मनोकामना पूरी हुई थी और इसी महीने में शिव पार्वती का मिलन हुआ था इस वजह से सावन शिव जी को बहुत प्रिय है।