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सूर्य के राशि बदलते ही शुरू हुयी हेमंत ऋतू ,करे ये उपाय मिलेगी सूर्यदेव की कृपा

 

16 नवंबर को सूर्य राशि बदलकर तुला राशि वृश्चिक राशि में जा रहा है। सूर्य की राशि परिवर्तन वाले दिन का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व तो है साथ ही यह सेहत के नजरिए से भी काफी खास है। स्नान -दान और सूर्य पूजा के लिए इस पर्व से से मौसमी बदलने लगता है इसी दिन से हेमंत ऋतु भी शुरू हो जाती है इसलिए सक्रांति पर्व पर स्नान ,व्रत ,उपवास और जरूरतमंद लोगों को दान देने की परंपरा शुरू हुई है। 

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मंगल की राशि में सूर्य के आ जाने से 16 दिसंबर तक कई लोगों के लिए कष्ट समय अच्छा हो सकता है

ज्योतिष के अनुसार छोटे स्तर पर काम करने वाले लोगों के लिए सक्रांति अच्छी है। चीजों के दाम और महंगाई बढ़ सकती है लोगों का सेहत में सुधार होगा बीमारियों के संक्रमण में कमी हो सकती है। मंगल की राशि में सूर्य के आ जाने से 16 दिसंबर तक कई लोगों के लिए कष्ट समय अच्छा हो सकता है।  अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सूर्य का अच्छा असर देखने को मिलेगा। पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध होंगे। 

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सूर्य की राशि परिवर्तन में मौसम बदलता है इससे वृश्चिक राशि में आने से हेमंत ऋतु शुरू हो जाती है

ग्रंथों के अनुसार वृश्चिक सक्रांति पर जरूरतमंद लोगों को खाना और कपड़ों का दान करने का महत्व है। इस दिन उन्हीं कपड़ों के साथ जूते ,चप्पल और गुड़ तिल सहित शरीर में गर्माहट देने वाले खाने चीजें दान करने की परंपरा है। ग्रंथ कहते हैं की इस दिन ब्राह्मण को गाय दान करने से पुण्य मिलता है। सूर्य की राशि परिवर्तन में मौसम बदलता है इससे वृश्चिक राशि में आने से हेमंत ऋतु शुरू हो जाती है यानी हल्की ठंड का मौसम बन जाता है। मौसम बदलते ही पहला असर सेहत पर  होता है इसलिए इस दिन व्रत या उपवास करने का विधान है । बीमारियों से बचने और लंबी उम्र के लिए इस दिन खानपान का बदलाव शुरू हो जाते हैं और वृश्चिकसंक्रांति  यानी 16 नवंबर से 15 दिसंबर तक सूर्य पूजा और दान से हर तरह की परेशानियां दूर होती है भगवान सूर्य को अर्ध्य देने से बुद्धि ,ज्ञान और सफलता मिलती है।