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Video:जांघ पर हाथ मारकर क्रिकेटर ने सिद्धू मुसेवाला को समर्पित किया शतक ,बोले पिछले बार किया था लेकिन.....
 

मुंबई रणजी टीम के क्रिकेटर  सरफराज खान ने गुरुवार को मध्यप्रदेश के खिलाफ रणजी ट्रॉफी फाइनल में बनाए गए अपनी शतक  को अपने पिता और कोच नौशाद खान को समर्पित किया शतक जड़कर मुंबई को पहली पारी में 374 रन तक पहुंचाने वाले सरफराज की आंखें भी थोड़ी नम  थी। 

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उन्होंने कहा कि यह शतक मेरे अब्बू की वजह से और उनके बलिदान की वजह से है उन्होंने उस समय मेरा हाथ थामा जब मैं निराश था नौशाद के दोनों बेटे सरफराज और मुन्शीर  मुंबई टीम में खेलते हैं यह पूछने पर कि क्या भारतीय टीम में जगह बनाने का सपना पूरा होने की ओर है तो वह काफी इमोशनल हो गए उन्होंने कहा कि हमारी जिंदगी सब कुछ छोटे-छोटे सपनों के लिए हैं जिन्हें हम संजोते हैं सपने हम सब साथ में देखते हैं मैंने मुंबई वापसी के बाद  दो स्तर में जो 2000 के करीब रन बनाए हैं यह सब मेरे अब्बू की वजह से हुआ जब कोई मैच नहीं होता तो दोनों भाई अपने पिता के निगरानी  में हर दिन 6 से 7 घंटे का अभ्यास करते हैं। 

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 कुछ अनुशासत्मक कारणों  की वजह से सरफराज को एक सत्र के लिए उत्तरप्रदेश जाना पड़ा था उन्होंने वापसी करने से पहले 'कूलिंग ऑफ 'समय बिताया इसके बाद फि मुंबई टीम में चुने गए सरफराज ने कहा कि आप तो जानते हो मेरे साथ क्या हुआ अब्बू ना रहते तो मैं खत्म हो जाता उन्होंने इतनी सारी समस्याएं थी और जब मैं सोचता हूं कि मेरी उन सब से कैसे निपटे तो मैं भावुक हो जाता हूं उन्होंने एक बार भी मेरा हाथ नहीं छोड़ा मेरे भाई ने अपने फोन पर एक स्टेटस लगाया  मैं देख सकता हूं कि वो कितने खुश है मेरा दिन बन गया। 


सरफराज पंजाबी गायक सिद्धू मूसे वाले  के प्रशंसक है सरफराज ने शतक जड़ने के बाद मूसे वाला की स्टाइल में जश्न मनाया इसके बारे में पूछने पर  सरफराज ने कहा कि वहसिद्धू मुसेवाले  के लिए था मुझे उनके गाने काफी पसंद है मैं इस तरह का जश्न पिछले मैच में भी मनाया था लेकिन तब वो हॉटस्टार ने  दिखाया नहीं था मैंने फैसला किया था कि जब भी एक और शतक जड़ूंगा  इसी तरह जश्न मनाऊंगा।