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यहां जाने हेल्थ इंश्योरेंस कम्पनियाँ बीमारी के समय आती है कितना काम ,कितने दिनों में देती है पैसा
 

दुनिया में कोरोना की एंट्री के बाद से लोगों के बीच हेल्थ इंश्योरेंस को लेकर रुझान बढ़ा है लोग अपने परिवार के लिए अच्छी पॉलिसी खरीदने में  रुचि दिखा रहे हैं वही कंपनियां भी पहले से बेहतर और ग्राहक केंद्रित पॉलिसिया  पेश  कर रही है लेकिन इसी बीच सवाल उठता है कि यह कंपनी जरूरत के का समय काम आती भी है या नहीं। 

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 एक रिपोर्ट में सामने आया कि स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों के तहत मरीज के इलाज पर खर्च की गई राशि को वापस पाने में भारत की औसतन 20 से 46 दिन का समय लगता है बीमा प्रौद्योगिकी मंच सिक्योरनाऊ  के अध्ययन के अनुसार जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार ही पता चला है कि मरीज बीमा कंपनियों की दवाओं के बारे में तत्परता से सूचित करते हैं जिनमें से अधिकांश अस्पताल में भर्ती होने के 1 सप्ताह के अंदर बीमा कंपनियों को इसकी सूचना दे देते हैं। 

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  सिक्योरनाऊ के संस्थापक कपिल मेहता ने कहा है कि हर साल स्वास्थ्य बीमा संबंधी करीब एक करोड़ दावे किए जाते हैं अध्ययन के अनुसार दावा वाली राशि में से करीब 13 से 26 फ़ीसदी अंतिम रूप से काट ली जाती है इसके पीछे वजह दायरे में नहीं आने वाली वस्तुएं और प्रशासनिक खर्च को बताया जाता है वही बीमा कंपनियां प्रसव के मामलों से जुड़े दावों का निपटारा औसतन 7 से 108 दिन के अंदर करती है ऑपरेशन के द्वारा प्रशासन के दावों के निपटारे में 9 दिन में 135 दिन का समय लगता है वही कीमोथेरेपी के मामलों में सबसे कम 12 से 35 दिन का समय लगता है।