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क्या है एपिसोडिक मोबिलिटी जिसकी वजह से क्वीन एलिजाबेथ भी थी परेशान ,नहीं है इसका कोई इलाज
 

 महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का 8 सितंबर को निधन हो गया महारानी 96 साल की थी पिछले साल भी उन्हें कोरोना की वजह से हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था महारानी एलिजाबेथ लंबे समय से episodic mobility प्रॉब्लम से पीड़ित थी पिछली 10 मई को इसी बीमारी  के कारण महारानी पार्लियामेंट के सेशन में शुरुआत में नहीं आई थी उनकी जगह उनके बेटे प्रिंस चार्ल्स ने स्पीच पढ़ी और सत्र की शुरुआत में इस बीमारी की वजह से कई बार महारानी को कई दूसरे कार्यक्रमों को भी रद्द करना पड़ा है आज हम आपको बताते हैं कि इस बीमारी में ऐसा क्या होता है कि इंसान कहीं आने जाने क्या काम करने की स्थिति में नहीं होता .

episodic mobility का मतलब होता है घूमना फिरना

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जैसा कि नाम से ही जाहिर होता है episodic mobility का मतलब होता है घूमना फिरना तो इस बीमारी की वजह से लोगों को उठने बैठने से लेकर चलने तक की प्रॉब्लम हो जाती है इसी में ज्यादातर लोग आते हैं जिनका शरीर कमजोर होता है या फिर जिनकी हड्डियां कमजोर होती है मतलब यह है कि एक टाइम है इसके अलावा यह बीमारी है जो मौसम के बदलने पर भीट्रिगर करती है इसकी वजह से चलने में परेशानी जो इनसे दर्द मांसपेशियों में कमजोरी होती है यहां तक कि इसकी वजह से उठने बैठने में भी तकलीफ होती है इसके कारण न्यूरोलॉजिकल यानी दिमाग से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। 

रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में करीब 19 मिलियन लोगों को चलने फिरने में परेशानी होती है

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ह बीमारी आमतौर पर बुजुर्गों में होती है कभी-कभी इसकी वजह से व्यक्ति को इतनी तकलीफ होती है कि उसके लिए इधर उधर मूव करना और बिस्तर से उठना तक मुश्किल हो जाता है सेंटर ऑफ़ डिजीज कंट्रोल के अनुसार अमेरिका में करीब 8 मिलियन लोगों को सीढ़ियां चढ़ने के दौरान परेशानी होती है एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में करीब 19 मिलियन लोगों को चलने फिरने में परेशानी होती है इनमें से 32% ऐसे हैं जिन्हें यह परेशानी 50 साल की उम्र में ही हो जाती है वहीं पुरुषों की तुलना में करीब 3% अधिक महिलाएं इस बीमारी के साथ एडजस्ट करने और उसकी तकलीफ बर्दाश्त करने में सक्षम होती है। 

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डॉक्टर के अनुसार एपिसोडिक  मोबिलिटी  प्रॉब्लम का कोई परमानेंट इलाज नहीं होता है इस में चोट लगने और मौसम बदलने के कारण गर्दन ,कमर ,पीठ और जोड़ों में सूजन और दर्द बढ़ने की संभावना होती है रेगुलर एक्सरसाइज करने से न्यूरोमस्कुलर सिस्टम मजबूत होता है इस कारण   एपिसोडिक  मोबिलिटी के अटैक आने की संभावना कम होती है इस बीमारी के व्यक्ति के शरीर में इतना दर्द रहता है कि वह कभी भी गिर सकता है इसलिए पीड़ित के साथ छोटी-मोटी दुर्घटनाओं चोट लगने की संभावना बनी रहती है इस बीमारी में सही डाइट लेना बहुत जरूरी है ताकि कमजोरी ना हो ।