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बच्चो का मोबाईल पर पढ़ना हो रहा है खतरनाक ,बच्चों में ड्राई आई ले रहा है जन्म ,नहीं दिया ध्यान तो हो सकता है खतरनाक
 

भोपाल के एमपी नगर जॉन टू में बहुत से कोचिंग क्लासेस है जहां पर कई बच्चे कंपटीशन एग्जाम की तैयारी करने के लिए कोचिंग ज्वाइन करते हैं वहां पर हाल ही में एक महिला ने बताया कि उसकी बेटी कुछ सालों से मोबाइल और लैपटॉप पर बहुत ज्यादा पढ़ाई करती है उससे हाल ही में ड्राई आई की समस्या है जिसकी वजह से उसे पढ़ाई करने में काफी दिक्कत हो रही है जिसकी वजह से उसको डॉक्टर से इलाज भी चल रहा है दौड़ती भागती और पोलूशन भरी लाइफ स्टाइल में आंखों में सूखापन आना आज एक आम बात हो गई है बड़ों के साथ-साथ कम उम्र के बच्चों में भी यही परेशानी हो रही है। 

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ड्राई आई का मतलब क्या होता है यह हम आपको बताते हैं जब हमारी आंखों में आंसुओं की परत होती है जो आंखों में नमी बनाने और  सुरक्षा कोच के तौर पर काम करती है इसमें गड़बड़ी आने से ड्राई आई की समस्या होती है जैसे पर्याप्त मात्रा में आंसू ना बन पाना ,आंसू जल्दी सूख जाना या उनकी क्वालिटी खराब हो जाना एम्स के आई स्पेशलिस्ट डॉक्टर राजेश सिन्हा के अनुसार जब हम मोबाइल या लैपटॉप को ज्यादा यूज करते हैं और एक टक  उसमें नजर गड़ाए रहते हैं तब आंखों पर काफी जोर पड़ता है जिसकी वजह से आंखों का पानी जो आंसू के तौर पर बाहर आ जाता है वह सूखने लगता लगता है आंखों की रेटिना पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है और ड्राई आई की समस्या हो सकती है। 

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इंइंडियन जर्नल ऑफ ऑप्थेल्मोलॉजी की 2018 की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर भारत की 32 परसेंट लोग ड्राई आइ से पीड़ित है नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ ऑप्थेल्मोलॉजी के डायरेक्टर डॉ श्रीकांत केलकर के मुताबिक कोरोना के पहले तीन परसेंट बच्चे ड्राई आई की शिकार थे  लेकिन कोरोना के बाद 67 परसेंट बच्चों में यह समस्या आ चुकी है ड्राई आई की काफी बड़े कारण हैं जैसे कंप्यूटर लैपटॉप और मोबाइल में घंटों ऑनलाइन क्लासेज लेना ,घर -ट्रेन में या बस में सफर करते समय ऑनलाइन गेम खेलना। लेंस पहनना। नॉर्मल एलर्जी की वजह से या सही खान-पान नहीं होना। 

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आंखों से रिलेटेड प्रॉब्लम के बारे में बच्चे से ठीक से नहीं बता पाते ड्राई आई जैसी अगर उन्हें कोई समस्या है तो वह अक्सर आंखे मलते रहेंगे   ऐसी सिचुएशन में माता-पिता को बच्चों पर ध्यान देना चाहिए उन्हें किसी भी हालत मेंइग्नोर  ना करें बच्चों के कुछ लक्षण से आप पहचान सकते हैं कि उन्हें ड्राई आई की समस्या है जैसे आंखों को बार-बार झपकना , आंखें लाल हो जाना ,लगातार  या ज्यादा देर टक आँख मलना , आंख के पास पास पास जलन होना ,आंखों में चुभन महसूस होना, रोशनी से दूर हट ना ,कई बार अचानक से धुंधला दिखाई देना और थोड़ा काम करने पर ही आंखों को थकान महसूस होना , बच्चा ड्राई  आई से जूझ रहा है या नहीं इसका   स्क्रीमर टेस्ट करवाया  जा सकता है डॉक्टर कागज की ब्लाटिंग स्ट्रिप्स को पलक  के नीचे रखते हैं और 5 मिनट बाद सोंखे  गया आंसू के आधार पर ड्राई आई का पता लगाया जाता है। 

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अगर आपके बच्चे में ये लक्षण दिखाई देते हैं तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाएं और इलाज करवाएं बच्चों को विटामिन सी का सेवन करवाए हैं आंखों को होने वाले नुकसान से बचाता है इसके अलावा अखरोट  ,काजू , मूंगफली आदि का सेवन भी बच्चों के लिए काफी फायदेमंद है इसमें ओमेगा-3 और विटामिन इ  पाया जाता है।