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छात्रसंघ चुनावों का एग्जिट पोल:RU में सबसे आगे है निर्मल चौधरी ,टक्कर दे सकती है ये दावेदार ,यहां जाने क्या है आरयू में होने वाले चुनावो के हाल
 

राजस्थान यूनिवर्सिटी अध्यक्ष कौन होगा यह हर कोई जानना चाहता है ,यह घोषणा शनिवार दोपहर तक होगी लेकिन फिलहाल एग्जिट पोल करके संभावित नतीजे क्या रह सकते हैं इसके बारे में हम आपको जानकारी दे रहे हैं इन नतीजों के लिए प्रदेश की सबसे बड़ी में यूनिवर्सिटी  को 2 लेवल पर एग्जिट पोल करवाई यह सर्वे 23070 स्टूडेंट्स का ऑनलाइन सर्वे का है। 

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सर्वे में सामने आया कि राजस्थान यूनिवर्सिटी में रितु बराला और निहारिका जोरवाल को पछाड़कर निर्मल चौधरी मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं।

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1 निर्दलीय निर्मल चौधरी को सहानुभूति और जातिगत फेक्टर का फायदा मिलता हुआ दिख रहा है इस वजह से वह दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं हम आपको बताते हैं कि निर्मल चौधरी का पक्ष मजबूत क्यों है एनएसयूआई से टिकट मांग रहे थे लेकिन नहीं दिया गया फिर पुलिस के लाठीचार्ज और हिरासत में लेने के कारण स्टूडेंट्स की सिम्पेथी मिली राजस्थान यूनिवर्सिटी के दिग्गज  छात्र नेता और मौजूदा कांग्रेस एमएलए का भी पूरा समर्थन इन्हीं को है सचिन पायलट के समर्थन में  इस्तीफा देने वाले एनएसयूआई के पुराने कैडर ने भी निर्मल चौधरी के पक्ष में माहौल तैयार किया निर्मल को सबसे बड़ी लीड महारानी कॉलेज और  महाराजा कॉलेज से मिलती दिख रही है इसके अलावा उनके साथ जातिगत फेक्टर है कमजोरी की बात करें तो वह sc-st कि वह नहीं समझ पाए लेकिन साइलेंट तरीके से संगठक कॉलेज में पकड़ बनाई डिजिटल को काफी फायदा मिला यूनिवर्सिटी के मेन गेट पर मूसे वाला स्टाइल वाले गाने तक लांच किए 6 महीने से एक्टिव होकर शुरू कर दी थी  कॉन्टैक्ट बनाने से लेकर बर्थ-डे केक काटकर सेलिब्रेट करने जैसी बातों से स्टूडेंट कनेक्ट हो गए। 

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2  वही निहारिका जोरवाल की बात  बात करें तो एनएसयूआई से टिकट करते ही वह बागी तेवर दिखाने लगी और आदिवासी होने के कारण टिकट ना मिलने का भी मुद्दा बनाया टिकट कटने की सिंपैथी का असर यह हुआ कि उनके पक्ष में एससी -एसटी के वोट आ गए उनके पिता सरकार में मंत्री हैं उनके स्तर पर पार्टी में चल रही विचारधारा की लड़ाई जैसे स्टेटमेंट देख कर भी मौके को भुनाया हितेश्वर बैरवा और प्रताप भानु  के कारण वोट खिसकने का डर था लेकिन वोटिंग से 1 दिन पहले ग्राउंड लेवल पर कैंपेनिंग करके माहौल को बदल दिया और वोटिंग से 1 दिन पहले करनी सेना का भी समर्थन ले लिया इससे जनरल कास्ट के वोट भी उनके पक्ष में आ सकते हैं RU में 11:00 से 1:00 के बीच वोटिंग टर्नआउट तेजी से बदला है उसमें सबसे ज्यादा एससीएसटी वोटर्स ने एकमत होकर निहारिका को वोट दिए हैं। 

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3 वही रितु बराला की बात करें तो बाजी पलट सकती है रितु बराला के पास एनएसयूआई के अंडर ग्राउंड पर पकड़ और महारानी कॉलेज की पूर्व अध्यक्ष होने का एडवांस तो था ही लेकिन बागियों निर्दलीयों के साथ सहानुभूति एक बड़ा फैक्टर भी चलाया गया महारानी कॉलेज की वोटिंग कब रही जिसकी असर ऋतु के वोट बैंक पर पड़ा लेकिन अब फैक्टर अब भी ऐसा है जो बात को पलट सकता है यूनिवर्सिटी केंपस से लड़कियों के वोट रितु बराला के पक्ष में गए अगर इनके काउंटिंग अच्छी है वही तो यह जाने निर्मल चौधरी वर्सेस रितु बराला भी हो सकती है हालांकि जाट दो कैंडिडेट होने की वजह से बड़ा वोट बैंक रितु और निर्मल के बीच बैठ गया एबीवीपी में कैंडिडेट को लेकर लास्ट टाइम तक मशक्कत चलती रही सही माहौल भी नहीं बन पाए फिर नरेंद्र यादव का नाम घोषित किया गया लेकिन उस स्तर पर कैंपिन ही नहीं हो पाई इसका फायदा  निहारिका  को मिला निहारिका जोरवाल और रितु बराला का दावा भी मजबूत है लेकिन स्टूडेंट से मिला फीडबैक बता रहा है कि अध्यक्ष की दौड़ में निर्मल चौधरी सबसे आगे हैं।