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OMG ;कई राज्यों में उत्प्न्न हुआ बिजली संकट ,लोगो को उठाना पड़ सकता है इसका भार
 

भारत और बढ़ती गर्मी   दर्जन भर  राज्य में बिजली का संकट उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है इस असर   पंजाब ,उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में दिखाई भी देने लगा जहा बिजली कटौती शुरू हो चुकी है दरअसल इसका बड़ा कारण भीषण गर्मी और औद्योगिक मांग के चलते बिजली की बढ़ती खपत को भी बताया जा रहा है साथ ही कोयला संकट से बिजली का उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है। 

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अप्रैल आखिर तक और मई में बिजली की मांग और बढ़ सकती है 10 अक्टूबर 2021 से ही देश के 12 राज्यों में कोयला पूर्ति का संकट देखा गया है इतना ही नहीं  आयतित  कोयला महंगा होने से लागत बढ़ेगी जिसका असर उपभोक्ता पर होगा अप्रैल के महीने में पहले पखवाड़े में ही घरेलू स्तर पर ३८ साल के उच्चतम स्तर पर  पहुंच गई है। 

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आंध्र प्रदेश ,महाराष्ट्र ,गुजरात ,पंजाब ,हरियाणा जैसे राज्यों में बिजली कटौती होने लगी है उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग बढ़कर 21 हजार मेगावाट  पर पहुंच गई है लेकिन  उत्पादन केवल 19 से २०हजार  की हो रही है अखिल भारतीय बिजली इंजीनियर महासंघ ने चेतावनी दी है कि तापीय बिजलीघर को चलाने के लिए १२ राज्यों में कोयले के संकट की   वजह से बिजली संकट पैदा हो सकता है केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के नवीनतम दैनिक कोयला रिपोर्ट का हवाला देते हुए संगठन ने कहा है कि कहा गया कि घरेलू कोयले का इस्तेमाल करने वाले कुल 150 ताप विद्युत स्टेशनों में से 81 में कोयले का भंडार गंभीर स्थिति में है। 

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निजी क्षेत्र के ताप विद्युत संयंत्रों की स्थिति भी उतनी ही खराब है जिनके 54 में से 28 सेंटरों में कोयले के भंडार गंभीर स्थिति में है देश के उत्तरी क्षेत्र में सबसे ज्यादा खराब स्थिति राजस्थान और उत्तर प्रदेश की है राजस्थान में 7580 मेगावाट क्षमता वाले सभी सातों तापी संयंत्रों के पास काफी कम स्टॉक बचा है उत्तर प्रदेश में भी अनपरा  संयंत्र को छोड़कर  तीन    सरकारी संयंत्रों में कोयला स्टोर की स्थिति गंभीर बनी हुई है वहीं पंजाब के राजपुरा संयंत्र में 17 दिनों का कोयला भंडार बचा है जबकि तलवंडी साबो संयंत्र के पास 4 दिन का स्टॉक है वही जीवीके संयंत्र के पास कोयले का स्टॉक खत्म हो चुका है रोपड़ और लहर मोहब्बत संयंत्रों में भी 9 एवं 6 दिनों का भंडार ही बचा है।