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अक्षय कुमार की इस फिल्म को देखकर करोड़पति लोगो से करते थे फ्रॉड ,पुलिस ने ऐसे किया सबको अरेस्ट
 

ईडी के फर्जी नोटिस भेजकर वसूली का करने वाले का एक गैंग का खुलासा हुआ है। इस सिलसिले में दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। हाल ही में इस गैंग ने मुंबई के कारोबारी को अपना शिकार बनाया और उनसे 15 से 20 करोड रुपए वसूलने की कोशिश की थी।इस गेंग के सदस्य  फिल्म 'स्पेशल 26 'देखकर  प्रेरित हुई थी।  पुलिस ने इनके पास से 12मोबाइल फोन और एक मारुति सियाज बरामद की है। 

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आरोपियों में अखिलेश मिश्रा केवल दसवीं कक्षा तक पढ़ा है

आरोपियों की पहचान अखिलेश मिश्रा, दर्शन हरीश जोशी, विनोद कुमार पटेल, धर्मेन्द्र कुमार गिरी, नरेश महतो, असरार अली, विष्णू प्रसाद, देवेन्द्र कुमार और गजेन्द्र उर्फ गुड्‌डू के तौर पर हुई।आरोपियों में अखिलेश मिश्रा केवल दसवीं कक्षा तक पढ़ा है उसी ने पीड़ितों को मैसेज और कॉल  करके ED को लेकर डराया था। आरोपी विष्णु प्रसाद पूर्व लोकसभा सांसद के पास पीओ काम भी कर चुका है। 

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अखिलेश मिश्रा नाम के एक शख्स ने बताया जल्द ही ED केस दर्ज करेगी, जिससे बड़ी मुसीबत आ सकती है

स्पेशल क्राइम रविंद्र यादव ने बताया कि इस मामले को लेकर शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि वह कंपनी में प्रसिडेंट है उन्हें ED के दो नोटिस भेजे गए थे उनके सहयोगी को अखिलेश मिश्रा नाम के एक शख्स ने बताया जल्द ही ED केस दर्ज करेगी, जिससे बड़ी मुसीबत आ सकती है। वह अपने जानकारों के जरिये उन्हें इस परेशानी से बाहर निकाल सकता है  इसके बाद भी पीड़ित को नोटिस भेजा गया। 

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 12 नवंबर को पीड़ित अखिलेश मिश्रा और दर्शन हरीश जोशी से मुंबई एयरपोर्ट पर मिले

एक नोटिस स्पीड पोस्ट के जरिए मिला ,इसके बाद आरोपी संपर्क किया गया ,उसने दो से तीन करोड़ रूपये की मांग की  9 नवंबर से 14 नवम्बर तक आरोपी अखिलेश मिश्रा और दर्शन हरीश जोशी पीड़ित से संपर्क कर उन्हें ईडी की कार्रवाई का डर दिखाते रहे। 12 नवंबर को पीड़ित अखिलेश मिश्रा और दर्शन हरीश जोशी से मुंबई एयरपोर्ट पर मिले।  उनसे कहा गया कि  उनकी प्रॉपर्टी करोड़ों रुपए की है और वह केवल कुछ करोड रुपए में ही इस केस को सेटल करना चाहते हैं। पीड़ित ने ही उनकी सेटलमेंट के वास्ते मुंबई से दिल्ली की टिकट भी करवाई और 14 नवंबर को एक मीटिंग अशोका होटल में फिक्स हुई। यहां आरोपियों ने सेटलमेंट करने के नाम पर ₹200000000 की मांग की पीड़ित को उनकी भूमिका पर शक हुआ इसके बाद यह मामला पुलिस में पहुंचा।