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मंकिपॉक्स को लेकर डॉक्टर्स को मिली बड़ी कामयाबी ,अब नहीं है डरने की जरूरत
 

कोरोना के बीच में मंकीपॉक्स वायरस अब पूरी दुनिया की चिंता  बढ़ा रहा है धीरे-धीरे कई देशों में इसके मरीज मिलने लगे हैं WHO भी इसको लेकर चिंता जता चुका है लेकिन इन सबके बीच एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है दरअसल इसे  लेकर अंतरराष्ट्रीय सहयोग से अब तक की सबसे बड़ी केस स्टडी श्रंखला में डॉक्टर ने  संक्रमित लोगों में क्लिनिकल लक्षणों की पहचान की है इसके निष्कर्ष भविष्य में इसके इलाज में  सहायता करेंगे खासतौर संक्रमण के प्रसार को धीमा करेंगे और मंकीपॉक्स के टीकों और इलाज के साधन खोजने में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की मदद करेंगे। 

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 अध्ययन में जिन  संक्रमित लोगों की जांच की गई उनमें से कई ऐसे कई में से लक्षण थे जिन्हें मंकिपॉक्स की वर्तमान चिकित्सा परिवारों द्वारा पहचाना नहीं गया था इन लक्षणों में एक जननांग घाव  के साथ-साथ मुँह  या गुदा में  छाले शामिल है क्लीनिक लक्षण यौन संचारित संक्रमण के समान और आसानी से गलत डायग्नोज का कारण बन सकते हैं कुछ लोगों को गुदा और मौखिक लक्षणों के कारण ज्यादा दर्द और निगलने में कठिनाई की वजह से हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ा है। 

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ऐसे महत्वपूर्ण हो जाता है कि इन  लक्षणों को पहचाना जाए और डॉक्टरों को इस बात के बारे में शिक्षित किया जाए कि बीमारी की पहचान और प्रबंधन कैसे करे लंदन के क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी मेंएचआईवी मेडिसिन के प्रोफेसर और शेयर सहयोगी के निदेशक क्लो ओर्किन ने कहा है की वायरस की कोई सीमा नहीं होती है ये अब तक 70 देशों में 13000 से अधिक लोगों में मंकीपॉक्स का संक्रमण हो  चुका है यह वास्तव में वैश्विक  सीरीज है इसमें 16 देशों के डॉक्टर भी शामिल हुए थे