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अमेरिका ने तैयार कर लिया चीन के खिलाफ सातवाँ बेड़ा ,यहां जाने क्या है सांतवा बेड़ा जिसका नाम सुनते ही काँप जाते है दुश्मन
 

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नेन्सी पॉलिसी  ताइपे की सफल यात्रा कर लौट चुकी है उन्हें  रोकने में चीन नाकामयाब रहा और अब जाहिर सी बात है कि चीन को यह रास नहीं आ रहा चीन गुरुवार से ताइवान की सीमा के पास मिसाइल भी दागनी शुरू कर दिया इस अभ्यास से चीन दुनिया के सामने अपनी ताकत का बखान करना चाह रहा है इसी बीच इनकी हरकतों पर लगाम कसने और चीन की कड़ी चेतावनी देते हुए भी पूरी तरह से तैयार हो गया है। 

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अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने परमाणु हथियारों से लैस एयरक्राफ्ट कैरियर यूएस रोनाल्ड रीगन के सातवें बेड़े को फिलिपींस समुद्र में डटे रहने का आदेश दिया है अमेरिकी विदेश मंत्री एंडलीब लिंकन ने भी शुक्रवार को कंबोडिया में दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ के साथ एक बैठक में चीन की  आक्रामक सेना  की करवाई का जिक्र  उकसावे  के रूप में किया उन्होंने चीन को चेतावनी दी है कि वह नैंसी के दौरे का इस्तेमाल संकट बढ़ाने  के बहाने के रूप में ना करें इस घटनाक्रम के बीच अमेरिकी सेना का सांतवा बेड़ा  एक बार फिर सुर्खियों में आ गया यह ऐसा  नाम है जिसे सुनते ही दुश्मन के पैरों के तले की जमीन खिसक जाती है आज हम आपको बताते हैं कि आखिर क्या है अमेरिका का सातवा बेड़ा । 

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यह अमेरिकी नौसेना का सबसे बड़ा और अग्रिम तैनाती वाला बेड़ा है इसे 50 से 70 जहाज और पनडुब्बियों हवाई जहाज शामिल है इसमें हमेशा मुस्तैद रहने वाले नौसेना की संख्या लगभग 20000 है 8 जुलाई 2021 वाइस एडमिरल कार्ल थाॅमससंभाल रहे हैं  वह इसके 53वें कमांडर हैं अमेरिका के सातंवे बड़े की जिम्मेदारी के क्षेत्र में पश्चिमी प्रशांत और हिंद महासागर शामिल है यह 75 वर्षों से अधिक भारतीय हिंद महासागर में अपनी उपस्थिति बनाए हुए है इसका कार्य क्षेत्र की सौ पच्चीस  वर्ग किलोमीटर से ज्यादा है इसका कार्यक्षेत्र 124 मिलियन वर्ग किलोमीटर से अधिक है। 

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इसके संचालन क्षेत्र में 36 देश शामिल है जिसमें दुनिया की आधी आबादी समा जाती है अमेरिकी नौसेना की सबसे बड़ी और शक्तिशाली टीम है जो समुंदर हितों की रक्षा करती है यह अपनी सीमा क्षेत्र के अंदर आने वाले प्रति पक्षों की समुद्री गतिविधियों पर नजर रखता है सातवें बेड़े की कार्रवाई अंतराष्‍ट्रीय कानून के अनुरूप है। इसके अनुसार अमेरिकी नौसेना को किसी भी देश के आर्थिक क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले कोई इजाजत नहीं लेनी होगी सातवें बेड़े का नाम 1971 के भारत-पाकिस्‍तान युद्ध के दौरान आया था जब भारत को डराने के लिए अमेरिका ने सातवें बेड़े का इस्तेमाल किया था।