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आखिर लंगूर को देखकर बंदर क्यों भागते है दूर ,यहां जाने जंगल के अंदर के रहस्य
 

आपने सुना होगा कि बंदर लंगूर को देख कर भाग जाते हैं इसलिए जहां पर बंदरो का आतंक होता है वहां लंगूर को लाया जाए तो  बंदर  आसपास  भी नहीं फटकते  आजकल तो कई सरकारी कार्यालय के घरों में लंगूर की मूर्ति और तस्वीर लगाई जाती है इसे देखकर बंदर आसपास भी नहीं फटक दे। 

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जंगलों में भी बंदरों के गुट लंगूर से दूर ही रहते हैं

हाल ही में यूपी के कानपुर में पुलिस कमिश्नरेट ऑफिस में  बंदरों को भगाने के लिए लंगूर की तस्वीर का सहारा लिया गया। इससे पहले संसद भवन में बंदरों को भगाने के लिए लंगूरो  की आवाज निकालने वाले लोगों को तैनात किया गया था लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर बंदर लंगूर से इतना डरते  क्यों है दरअसल इन दोनों जानवरों की दुश्मनी सदियों से चली आ रही है जंगलों में भी बंदरों के गुट लंगूर से दूर ही रहते हैं।  जानवरों के बारे में जानकारी रखने वाले एक शख्स ने बताया कि लाल मुंह वाले बंदर लंगूर को दबंग परवर्ती का मानते हैं और उनसे डरते हैं बंदर और लंगूर वैसे तो एक ही तरह के प्राणी है ,दोनों ही पेड़ो  पर रहते और उछल कूद करते हैं लेकिन अगर इन दोनों की आपस में  तुलना की जाए तो लंगूर बंदर से ज्यादा फुर्तीले होते हैं। इसलिए बंदर इनसे दूर रहना पसंद करते हैं इसके अलावा दूसरा कारण है लंगूर की बड़ी पूँछ। बंदर  प्रजाति में पूँछ का बड़ा महत्व होता है। सच कहा जाए तो उनके लिए किसी अतिरिक्त हाथ की तरह होता है अपनी पूँछ  की वजह से वह लटक सकते  है और कुछ कर भी सकते हैं उनके लिए पूँछ  का एक अलग ही जलवा होता है।अब क्योंकि लंगूर की पूँछ लम्बी होती  है साथ ही लंगूर किसी झड़प में उसे किसी हंटर की तरह भी इस्तेमाल कर सकता है। इसलिए बंदर लंगूर से डरते हैं और दूर भागते हैं।

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भारत के राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए भी लंगूर का इस्तेमाल हो चुका है

 जानवरों की रक्षा करने वाले एनजीओ वाइल्डलाइफ एसओएस के कर्मचारी ने बताया कि कुछ लोगों का मानना है कि लंगूर को पालने से बंदर भाग जाते हैं लेकिन यह मिथक है। लंगूर को रखना गैरकानूनी है हालांकि कुछ लोगों ने विभाग से अनुमति लेकर लंगूर पाल रहे  हैं आजकल बंदरों ने कई जगह पर आतंक मचा रखा है इसका फायदा लंगूर पालने वाले उठाते हैं । कई जगहों पर लंगूर को पैसे देकर रखा जाता है आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत के राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए भी लंगूर का इस्तेमाल हो चुका है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मथुरा दौरे पर थे जब बांके बिहारी मंदिर जा रहे थे उनकी सुरक्षा में लंगूर को तैनात किया गया था क्योंकि इस जगह बंदरों का काफी आतंक रहता है बंदर  लोगों के हाथ से पीला चश्मा और प्रसाद जैसी चीजें छीन लेते हैं। ऐसा पहली बार नहीं था जब वीआईपी की सुरक्षा में लंगूर कोर खा गया था इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी  की सुरक्षा में भी बंदर की समस्या से निजात पाने के लिए लंगूर तैनात किए गए थे।