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छोटे से क्लर्क के घर पर मिले 85 लाख कैश ,घूमता था महंगी गाड़ियों में ,पकड़ा गया था पिने लगा जहर
 

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और प्रमुख शहर जबलपुर में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने बुधवार को छापेमारी की इस दौरान राजधानी भोपाल में क्लर्क के घर से करीब 5000000 रुपए की नगदी बरामद हुई वही जबलपुर में शासकीय अभियंता के पास आय से 200 गुना अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ भोपाल में  ईओडब्ल्यू की टीम ने चिकित्सा शिक्षा विभाग में पदस्थ क्लर्क  हीरो केशवानी  के घर छापेमारी की इस दौरान आरोपी  ने नाटकीय तरिके से जहर भी पी लिया इसके बाद आनन-फानन में उसे हॉस्पिटल ले जाया गया जहां देर शाम डॉक्टरों ने  डिस्चार्ज कर दिया टीम ने उसके घर की तलाशी शुरू की तो घर से करीब ₹400000 की नकदी बरामद हुई    आपको बता दे की काली कमाई का सौदागर हीरो केशवानी को गोल्ड और महंगे सूट पहनने का शौक है बड़ी-बड़ी पार्टियों में अधिकारियों की तरह पहुंचता है ऑफिसर पार्टियों में भी बदल बदल कर  कारे लेकर जाता है जानकारी मिली है कि हीरो को चिकित्सा शिक्षा विभाग से भी सस्पेंड कर दिया गया है अब उसके ऊपर डिपार्टमेंटल जांच भी शुरू हो गई है। 

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केसवानी पिछले 20 साल चिकित्सा शिक्षा विभाग में कार्यरत रहा है और  EOW टीम की जांच में केसवानी का परिवार सहयोग नहीं कर रहा है एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने संपत्ति अपनी पत्नी के नाम पर खरीदी हुई है इसमें जीव सेवा संस्थान की बेशकीमती जमीन भी शामिल है जीव सेवा संस्थान की स्थापना 1994 में एक संगठन के रूप में की गई थी एक शीर्ष संगठन के रूप में की गई थी। जिसका उद्देश्य संत के सेवा दर्शन के अनुसार काम करने वाले विभिन्न सामाजिक संगठनों की सभी परोपकारी गतिविधियों का समन्वय करना और सामान्य या विशिष्ट परियोजनाओं  के लिए दान प्राप्त करना था। 

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केसवानी ने नौकरी की शुरुआत  4000 की तनख्वाह से शुरू की थी उसकी सैलरी ₹50000 है EOW की कार्रवाई में अब तक दो बैंक खाते मिले है बैरागढ़ स्थित  का मकान ही करीब डेढ करोड रुपए का है   बैरागढ़ स्थित  EOW  10 -12 लोगों की टीम आय के स्रोत खंगालने में लगी हुई है बैरागढ़ में आरोपी क्लर्क का आलीशान बंगला देख कर खुद EOW अधिकारी भी हैरान रह गए इस बंगले में हर तरह की सुविधा मौजूद है और घर की छत पर एक आलीशान पेंटहाउस भी बना हुआ है।